चुनाव के दौरान किसी थाना क्षेत्र में विस्फोट हुआ तो ओसी जाएंगे जेल !

पुलिस एवं सरकारी वाहन की भी होगी जांच
फाइल फोटो
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कोलकाता : विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में सख्ती बढ़ा दी गई है। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि मतदान के दिन किसी इलाके में विस्फोट की घटना होती है या विस्फोटक सामग्री बरामद होती है, तो संबंधित थाने के अधिकारियों और थाना प्रभारी (ओसी) के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार निर्देश में कहा गया है कि अगर इलाके में विस्फोट होता है या फिर विस्फोटक सामग्री मिलती है तो संबंधित थाना के एसएचओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें जेल भी भेजा जाएगा। इसी बीच लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) ने पुलिस बल को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी पुलिस वाहन में अतिरिक्त नकदी का परिवहन नहीं किया जाए। निर्देश में कहा गया है कि यदि किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी के वाहन से 50,000 रुपये या उससे अधिक की नकदी बरामद होती है, तो संबंधित व्यक्ति से कड़ी पूछताछ की जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि नकदी के स्रोत, उसके उपयोग और गंतव्य के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी या अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) और फ्लाइंग स्क्वॉड (FS) को पुलिस वाहनों की जांच करने का अधिकार दिया गया है। बरामद नकदी को जब्त कर आयकर विभाग को सौंपा जाएगा। लालबाजार ने सभी थाना प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यह आदेश प्रत्येक पुलिसकर्मी तक पहुंचे और उसका सख्ती से पालन हो। इसके अलावा, चुनाव के दौरान किसी भी थाना क्षेत्र में बमबाजी या विस्फोट की घटना को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि किसी इलाके से बम बरामद होता है, तो संबंधित थाना प्रभारी और अधिकारी से भी जवाब-तलब किया जाएगा और असंतोषजनक उत्तर मिलने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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