

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आखिरकार राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता (डीए) के बकाया भुगतान को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राज्य सरकार ने बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान का आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि 2008 से 2019 तक का बकाया भत्ता कई चरणों में चुकाया जाएगा। इसके दायरे में सरकारी और राज्य-सरकार से सहायता प्राप्त संस्थाओं के कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी और पारिवारिक पेंशन भोगी शामिल हैं।
पहले चरण में जनवरी 2016 से दिसंबर 2019 तक का बकाया दो किस्तों में दिया जाएगा। मार्च में पहली किस्त और सितंबर 2026 में दूसरी किस्त जारी होगी। चौथी श्रेणी के कर्मचारियों का भुगतान सीधे बैंक खातों में होगा, जबकि बाकी सरकारी कर्मचारियों का पैसा उनके GPF खाते में जमा होगा। इसे दो वर्षों तक नहीं निकाला जा सकेगा। हालांकि, यदि कोई कर्मचारी दो साल से पहले सेवानिवृत्त होता है, नौकरी छोड़ता है या निधन हो जाता है, तो राशि तुरंत निकाली जा सकेगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों का भुगतान सीधे उनके पेंशन खाते में होगा। सरकारी उपक्रमों, स्कूल, कॉलेज, पंचायत और नगरपालिकाओं के कर्मचारियों का भुगतान संबंधित विभागों द्वारा वित्त विभाग को सूचना देने के बाद किया जाएगा। इस फैसले से लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षा कर्मचारी और पंचायत-नगरपालिका कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि केंद्र की वित्तीय सीमाओं के बावजूद राज्य सरकार कर्मचारियों के हित में यह विशाल आर्थिक दायित्व उठा रही है। फरवरी में बजट में 4 प्रतिशत वार्षिक डीए पहले ही देने का प्रावधान था। अप्रैल 2008 से दिसंबर 2015 तक के बकाया डीए के भुगतान की रूपरेखा बाद में अधिसूचित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार एक मॉनिटरिंग कमेटी कुल दायित्व तय करेगी और आगे की प्रक्रिया निर्धारित करेगी।