भगवान महावीर स्वामी के 2552वें निर्वाणोत्सव पर हावड़ा में धूमधाम से मनाया गया निर्वाण महा महोत्सव

आरती करतीं महिलाएं
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2552वें निर्वाणोत्सव और श्री गौतम गणधर स्वामी के केवलज्ञान कल्याणक के पावन अवसर पर हावड़ा डबसन स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में निर्वाण महा महोत्सव बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया।

मंगलवार के इस परम पुण्य दिवस पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और निर्वाण लाडू चढ़ाने की परंपरा निभाई। दीपावली के इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई थी और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय था।

इस अवसर पर विशाल जैन ने कहा,

“अहिंसा और अनेकांत की प्रतिमूर्ति भगवान महावीर स्वामी के 2552वें निर्वाण दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन। उनकी अमूल्य शिक्षाएं — 'अहिंसा परमो धर्मः' — आज भी हमें दया, करुणा और समत्व का मार्ग दिखाती हैं।”

उन्होंने कहा कि दीपावली और केवलज्ञान दिवस पर हम सभी को अपने विचार, वचन और कर्म से अहिंसा का दीप जलाना चाहिए। भगवान महावीर का जीवन हमें सच्चाई, आत्म-संयम और अहिंसा के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

मंदिर में आयोजित पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और महाप्रसाद ग्रहण किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व को मनाया।

समारोह में स्थानीय जैन समाज के अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण और अत्यंत प्रेरणादायक रहा।

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