नीट आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा : नौशाद

धर्मतल्ला हिंसा पर सरकार को घेरा, पत्रकारों पर हमले की निंदा
नौशाद सिद्दीकी
नौशाद सिद्दीकी
Published on

कोलकाता : धर्मतल्ला में नीट (NEET-UG) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और पत्रकारों पर हमले का मुद्दा शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में जोरदार ढंग से उठा। आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने विधानसभा परिसर स्थित प्रेस कॉर्नर में कहा कि यह आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बड़ी संख्या में अभिभावक भी इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए पत्रकारों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।

नौशाद ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं यह स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्र-छात्राएं हिंसा में शामिल नहीं थे। ऐसे में वास्तविक उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में लागू किए गए गुंडा दमन कानून का इस्तेमाल किस प्रकार किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में जानकारी दी कि घायल पत्रकारों की शिकायतों के आधार पर अब तक छह मामले दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन मामलों में गुंडा दमन कानून की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं और पुलिस जांच जारी है।

नौशाद सिद्दीकी ने डायमंड हार्बर के 'सेवाश्रय' स्वास्थ्य शिविर में कथित अव्यवस्था और प्रभावित लोगों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच, पीड़ितों को उचित मुआवजा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की भी मांग की।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in