

कोलकाता : अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो का कोलकाता दौरा भले ही कुछ घंटों का रहा, लेकिन इस छोटी-सी यात्रा ने शहर के लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ दी। शनिवार की सुबह पत्नी के साथ कोलकाता पहुंचे रूबियो का स्वागत भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, कोलकाता में अमेरिकी महावाणिज्यदूत कैथी गाइल्स-डियाज, पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने किया।
कोलकाता एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सीधे एजेसी बोस रोड स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय ‘मदर हाउस’ पहुंचा। यहां रूबियो ने सेंट मदर टेरेसा की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सिस्टर्स के साथ बिताए उनके कुछ पल पूरी तरह मानवीय संवेदनाओं से भरे थे। वहां मौजूद लोगों ने महसूस किया कि यह किसी औपचारिक राजनीतिक कार्यक्रम से कहीं अधिक आत्मीय मुलाकात थी।
इसके बाद रूबियो ‘निर्मला शिशु भवन’ पहुंचे, जहां उन्होंने अनाथ बच्चों के साथ समय बिताया। बच्चों से बातचीत, मुस्कान और सहज व्यवहार ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। मिशनरीज ऑफ चैरिटी की एक सिस्टर ने कहा, “यह किसी बड़े नेता का दौरा नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के आने जैसा लगा।” मिशनरीज ऑफ चैरिटी पहुंचकर भावुक हुए मार्को रूबियो ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “मदर टेरेसा करुणा और सेवा की एक महान विरासत छोड़ गई हैं। आज मिशनरीज ऑफ चैरिटी जाकर उनकी विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करना मेरे लिए सम्मान की बात रही। वहां मैंने सेवा और मानवता के माध्यम से कैथोलिक आस्था को जीवंत रूप में देखा।”
दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर रूबियो का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने एयरपोर्ट अधिकारियों और कर्मचारियों से अनौपचारिक बातचीत की, हंसी-मजाक किया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। उनकी सादगी और गर्मजोशी ने सभी का दिल जीत लिया। महज चार घंटे का यह दौरा कोलकाता के लिए सिर्फ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि इंसानियत, संवेदना और आत्मीयता से भरा यादगार पल बन गया।