बॉबी ने दिया था खून, बचायी थी मां की जान : ममता

फिरहाद को लेकर भावुक हुईं सीएम
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कोलकाता : चुनावी मंच से एक भावुक पल साझा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्री फिरहाद हकीम के साथ अपने लंबे और व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख किया। शुक्रवार शाम खिदिरपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने एक पुरानी घटना याद की, जिसमें उनकी मां के ऑपरेशन के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ी थी।

ममता बनर्जी ने बताया कि उस समय फिरहाद हकीम ने स्वेच्छा से रक्तदान किया था, जिससे उनकी मां की जान बच सकी। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनके और हकीम के संबंध केवल राजनीतिक नहीं रहे, बल्कि पारिवारिक हो गए।

उन्होंने आगे कहा कि उनकी मां के निधन के समय भी फिरहाद हकीम ने हर जिम्मेदारी को निभाया और कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वे अक्सर सबसे पहले हकीम को ही किसी भी पारिवारिक या व्यक्तिगत स्थिति में फोन करती हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने फिरहाद हकीम के परिवार की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका परिवार भारत की विविधता और गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हकीम की मां ब्राह्मण और पिता मुस्लिम थे, जो सामाजिक समरसता का उदाहरण है।

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उनके अपने घर में भी पारंपरिक ब्राह्मण रीति-रिवाजों का पालन होता है और विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान किया जाता है। उन्होंने एक पारिवारिक उपनयन संस्कार का जिक्र करते हुए बताया कि उस अवसर पर फिरहाद हकीम और उनकी पत्नी भी शामिल हुए थे, जो आपसी सम्मान और सांस्कृतिक सहभागिता का प्रतीक है।

अपने वक्तव्य के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वे हमेशा समावेशी राजनीति, समानता और सभी समुदायों के साथ मिलकर चलने की नीति में विश्वास रखती हैं।

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