कोलकाताः मौसम विभाग के पूर्व अनुमानों के मुताबिक कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम ने करवट बदल ली है। सोमवार की रात से आसमान में काले-काले बादल छाने लगे थे और मंगलवार की सुबह बारिश होने लगी।
आईएमडी के एक अधिकारी के अनुसार, कोलकाता और उसके आसपास के जिलों में आखिरी बार नवंबर में बारिश हुई थी जबकि पुरुलिया जैसे कुछ पश्चिमी जिलों में दिसंबर की शुरुआत में हल्की बूंदाबांदी हुई थी। आईएमडी ने बताया कि अगले सात दिनों तक राज्य भर में शुष्क मौसम रहने की संभावना है। आईएमडी ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में सप्ताहांत के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में सबसे अधिक 19 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई जबकि हावड़ा जिले के उलुबेरिया में 14.8 मिमी बारिश हुई। कोलकाता में सुबह 5.9 मिमी बारिश हुई और दोपहर में मौसम सुहाना व धूप खिली।
आईएमडी के अनुसार, मंगलवार सुबह हिमालयी पर्यटन स्थल दार्जिलिंग राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान सात डिग्री सेल्सियस था। आईएमडी ने बताया कि कोलकाता में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि पास के साल्ट लेक में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी मंगलवार की सुबह हल्की से मध्यम श्रेणी की बारिश हुई। सबसे पहले पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में बारिश हुई। यहां कुछ जगहों पर वज्रपात भी हुआ। हवा की गति तेज थी। मौसम विभाग ने आज दिन में भी यहां वज्रपात की आशंका व्यक्त की और लोगों को सावधान किया है।
कोलकातावासियों ने भी मंगलवार की सुबह हल्की बारिश देखी। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार के दिन में कही-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वज्रपात भी संभव है। आसमान बादलों से छाया रहेगा। कोलकाता में इस दिन अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रहेगा जो सामान्य से कुछ अधिक है। न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से कुछ कम है।
मौसम विभाग के मुताबिक सुबह और रात के समय हल्की ठंड रहेगी। दक्षिण बंगाल में बुधवार से मौसम फिर से शुष्क होगा जिससे तापमान बढ़ने का अनुमान है।
उधर उत्तर बंगाल में भी मौसम विभाग ने आज बारिश का अनुमान जताया है। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कलिंगपोंग में हल्की से मध्यम श्रेणी की बारिश होगी। पहाड़ी इलाकों में बादलों के साथ कुहासा बने रहने की संभावना है।