

कोलकाता: ड्रग्स तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकी और उग्रवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में किए जाने को लेकर कोलकाता पुलिस ने कॉलेज छात्रों को आगाह किया है। पुलिस ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी अब केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुकी है।
‘नशामुक्त भारत अभियान—विकसित भारत की पहचान’ के तहत दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाने की पुलिस ने भवानीपुर एजुकेशन सोसाइटी कॉलेज में नशा विरोधी जागरूकता शिविर आयोजित किया। कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान मादक पदार्थों के सेवन और तस्करी के सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की गई।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ी तस्करी
भवानीपुर थाने के प्रभारी अधिकारी सौमित्र बसु ने ड्रग्स तस्करी और आतंकवाद के बीच वित्तीय संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तस्कर गिरोह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए विभिन्न सीमाओं के पार मादक पदार्थों की आपूर्ति करते हैं। इस अवैध कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल आतंकी और उग्रवादी संगठन अपनी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं।
परिवार और समाज पर भी पड़ता है असर
पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि नशे की लत का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। नशे के कारण अपराध में वृद्धि, कानून-व्यवस्था की समस्या, स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव और आर्थिक संकट जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। परिवारों में घरेलू विवाद, आर्थिक परेशानी और आपसी विश्वास में कमी भी देखने को मिलती है। अधिकारियों ने कहा कि नशे की समस्या की शुरुआती स्तर पर पहचान कर पीड़ित को परिवार का सहयोग, उचित उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराना जरूरी है।
पढ़ाई और करियर पर भी असर
छात्रों को मादक पदार्थों से पूरी तरह दूर रहने की सलाह देते हुए पुलिस ने कहा कि नशे की आदत का सीधा असर शिक्षा और भविष्य पर पड़ता है। इसके कारण पढ़ाई में गिरावट, कक्षाओं से अनुपस्थिति, स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता में कमी तथा पढ़ाई बीच में छोड़ने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। लंबे समय में इसका असर रोजगार और करियर पर भी पड़ता है। कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने नशे की लत से मुक्ति के लिए उपलब्ध सरकारी हेल्पलाइन और पुनर्वास केंद्रों की जानकारी दी। ‘नशामुक्त भारत सप्ताह’ के अवसर पर उपस्थित लोगों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि मादक पदार्थों की तस्करी या इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें।