

कोलकाता : कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (केएमडीए) महानगर क्षेत्र में भूमि उपयोग और विकास नियंत्रण क्षेत्रों के मानचित्रों का डिजिटलीकरण करने जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सभी अधिसूचित भूमि उपयोग एवं विकास नियंत्रण योजनाओं को एकीकृत कर आधुनिक जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल के तहत मौजूदा भूमि उपयोग मानचित्रों और विकास नियंत्रण क्षेत्र (डीसीजेड) के नक्शों को डिजिटाइज कर जियो-रेफरेंस किया जाएगा।
इसके बाद इन सभी जानकारियों को एक मानकीकृत जीआईएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शहरी नियोजन, भूमि उपयोग की निगरानी और विकास परियोजनाओं के अनुमोदन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।
अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से विभिन्न सरकारी विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान आसान होगा और भूमि उपयोग से जुड़े निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे।
इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण रखने, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाने और भविष्य के शहरी विकास की रूपरेखा तैयार करने में भी मदद मिलेगी। केएमडीए पहले से ही कोलकाता महानगर क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों के भूमि उपयोग एवं विकास नियंत्रण योजनाएं तैयार कर चुका है।
अब इन मानचित्रों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित कर एक आधुनिक और केंद्रीकृत प्रणाली विकसित करने की दिशा में यह नई पहल की जा रही है, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक वैज्ञानिक और सटीक आधार मिल सकेगा।