

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : देश के साथ ही बंगाल में भी शुक्रवार की रात 12 बजे से शुरू हुए पहले डिजिटल सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना) अभियान को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में शनिवार को केएमसी की प्रशासक स्मिता पांडेय की पहल पर केएमसी के ठोस कचरा प्रबंधन के कर्मचारियों का डिजिटल सेल्फ एन्यूमरेशन कराया गया। इस दौरान टेक्निकल असिस्टेंट कर्मचारियों ने सभी कर्मियों को पूरी प्रक्रिया समझाते हुए उनका पंजीकरण पूरा कराया। अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे जनगणना की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बन सके। कर्मचारियों ने भी इस नई व्यवस्था में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे आधुनिक तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
ठोस कचरा प्रबंधन के कर्मियो का बयान :
ठोस कचरा प्रबंधन के कर्मियों में राजू साह, दिनेश शाह और सुरेश रविदास ने संयुक्त रूप से कहा कि डिजिटल सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया बेहद सरल, सुविधाजनक और समय बचाने वाली है। उनका कहना था कि पहले की तुलना में अब बहुत कम समय में पूरी जानकारी दर्ज कराई गई। वहीं किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने आम नागरिकों से भी इस डिजिटल अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। कर्मचारियों ने कहा कि यदि लोग स्वयं आगे आकर डिजिटल सेल्फ एन्यूमरेशन करेंगे, तो जनगणना का कार्य अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि तकनीक आधारित यह पहल भविष्य में सरकारी सेवाओं को और अधिक सरल तथा जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
केएमसी की प्रशासक ने यह कहा :
कोलकाता नगर निगम की प्रशासक स्मिता पांडेय ने कहा कि सेल्फ एन्यूमरेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ठोस कचरा प्रबंधन के कर्मियों को सेल्फ एन्यूमरेशन के लिए प्रोत्साहित किया गया और शनिवार को करीब 100 कर्मियों का सेल्फ एन्यूमरेशन करवाया गया।