वोट प्रतिशत के आधार पर वार्डों का पुनर्गठन नहीं हो सकता! निगम आयुक्त को माकपा का पत्र

सांकेतिक तस्वीर
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कोलकाता: केएमसी के वार्डों के पुनर्गठन को लेकर माकपा ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं। कोलकाता नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखकर कोलकाता जिला माकपा ने प्रस्तावित परिसीमन में कई विसंगतियों का आरोप लगाते हुए पुनर्विचार की मांग की है। 28 सितंबर को भेजे गए पत्र में पार्टी के जिला सचिव ने आरोप लगाया कि जनसंख्या के बजाय मतदाता सूची को प्रमुख आधार बनाकर वार्डों का पुनर्गठन किया गया, तो इससे वास्तविक जनसंख्या का सही प्रतिनिधित्व नहीं हो सकेगा। पत्र में माकपा ने दावा किया है कि प्रस्तावित वार्डों में जनसंख्या और मतदाताओं की संख्या में काफी असमानता है। पार्टी का आरोप है कि मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी असमानता के पीछे कोई स्पष्ट मानदंड सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके अलावा, माकपा ने प्रस्तावित वार्ड सीमाओं के निर्धारण में राजनीतिक पक्षपात का आरोप भी लगाया है। पार्टी का कहना है कि पिछले चुनाव में जिन इलाकों में भाजपा को तुलनात्मक रूप से अधिक वोट मिले थे, उनमें से कुछ जगहों पर कम मतदाताओं वाले वार्ड बनाए गए हैं। इसके विपरीत, जहां अन्य राजनीतिक दलों को तुलनात्मक रूप से कम वोट मिले थे, उन इलाकों को अधिक मतदाताओं वाले वार्डों में शामिल किए जाने का आरोप लगाया गया है। माकपा ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तार्किक तरीके से जांच की मांग की है। पार्टी के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम कानून के तहत वार्डों की सीमाएं निर्धारित करते समय जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक सुविधा समेत अन्य प्रासंगिक तथ्यों को ध्यान में रखना आवश्यक है। पत्र में यह भी कहा गया है कि पिछले चुनाव में किसी राजनीतिक दल को मिले वोट प्रतिशत या उसकी चुनावी ताकत को वार्डों की सीमाएं निर्धारित करने का आधार नहीं बनाया जा सकता।

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