नकली सोने को असली बताकर देश भर में ठगी करता था अंतरराज्यीय गिरोह

राजस्थान के भरतपुर से पकड़ा गया मास्टरमाइंड

नकली सोने को असली बताकर देश भर में ठगी करता था अंतरराज्यीय गिरोह
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कोलकाता : नकली सोने को असली बताकर देशभर में लोन लेकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का कोलकाता पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गोरखधंधे का 'हब' राजस्थान का भरतपुर बन गया है जहां एक के बाद एक नकली सोने के आभूषणों की फैक्ट्रियां चल रही हैं। इन फैक्ट्रियों में तैयार नकली गहनों को असली बताकर देशभर में बैंकों, फाइनेंस कंपनियों और ज्वेलरी शॉप्स से करोड़ों रुपये का लोन उठाया जा रहा है। इस मामले में कोलकाता पुलिस के पर्णश्री थाना प्रभारी सत्य प्रकाश उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने भरतपुर में छापेमारी कर इस गिरोह के एक मुख्य आरोपित धरम सिंह को गिरफ्तार किया है। धरम सिंह के पास से बड़ी मात्रा में नकली सोने के गहने भी बरामद किए गए हैं।

भरतपुर में नहीं मिला स्थानीय पुलिस का सहयोग

पुलिस सूत्रों के अनुसार, भरतपुर में जांच और छापेमारी के दौरान पर्णश्री थाना की टीम को कई बार स्थानीय स्तर पर बाधा झेलनी पड़ी। स्थानीय पुलिस ने सहयोग नहीं किया, बल्कि साफ-साफ कह दिया कि रात के समय कोलकाता पुलिस के अधिकारी गांवों में छापा न मारें, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। भरतपुर का इलाका राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमाओं से सटा हुआ है। वहां से लगभग 500 किलोमीटर दूर चंबल घाटी भी है, जहां जालसाज अक्सर पुलिस की नजरों से बचने के लिए भाग जाते हैं। इस जालसाजी कांड की शुरुआत कोलकाता के पर्णश्री से हुई, जहां नकली सोना गिरवी रखकर लोन लेने की कोशिश में एक आरोपित की लोगों ने पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। एक अन्य को भी बुरी तरह पीटा गया। इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस केस में घायल दीपक सिंह की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में पुलिस को भरतपुर में चल रहे नकली सोना गिरोह की जानकारी मिली। पुलिस को पता चला कि यह गिरोह पहले भी कई बार कोलकाता और बंगाल के अन्य जिलों में नकली सोना लेकर पहुंच चुका है।

कैसे करते हैं जालसाजी?

गिरोह के लोग खास धातुओं से नकली गहने तैयार करते हैं, जो वजन और रंग में असली सोने जैसे होते हैं। सामान्य व्यक्ति तो क्या, बिना उन्नत जांच उपकरण के दुकानदार भी इसमें फर्क नहीं कर पाते। इन नकली गहनों को गिरवी रखकर ये लोग बैंकों और साहूकारों से लाखों का लोन ले लेते हैं। धरम सिंह को गिरफ्तार करने के लिए कोलकाता पुलिस के अधिकारी खुद ग्राहक बनकर नकली सोना खरीदने गए। जाल बिछाया गया और धरम सिंह को सड़क से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से नकली गहनों का जखीरा मिला है। अब उसे कोलकाता लाकर लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि धरम सिंह की निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। उन्हें पकड़ने के लिए फिर से भरतपुर में छापेमारी की जा सकती है। यह मामला सिर्फ एक जालसाजी नहीं, बल्कि देशभर में फैले एक संगठित आपराधिक रैकेट का हिस्सा है, जिसकी तह तक पहुंचने में कोलकाता पुलिस जुटी हुई है।


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