

हुगली : मोगरा थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव में जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। यहां एक ग्राम पंचायत सदस्य के पति पर पंचायत और पार्टी का दबाव दिखाकर देवोत्तर संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि आरोपों को पंचायत सदस्य के पति प्रदीप घोष ने पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार यह मामला मोगरा ग्राम पंचायत नंबर 1 के अंतर्गत आने वाले पुरुषोत्तमपुर गांव का है। शिकायतकर्ता सोमा मुखर्जी और कुणाल मुखर्जी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 1944 में सरोजिनी देवी ने लगभग तीन बीघा जमीन और एक मंदिर उनके पूर्वजों को दान में दिया था। साथ ही उन्हें मंदिर का सेवायत भी नियुक्त किया गया था, ताकि वे मंदिर की देखभाल और पूजा-पाठ की जिम्मेदारी निभा सकें। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि हाल ही में पंचायत सदस्य के पति प्रदीप घोष और उनके कुछ सहयोगियों ने ग्रामीणों को उकसाकर मंदिर और उससे जुड़ी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर के गहने भी चोरी कर लिए गए हैं और उस जमीन पर खेती का काम शुरू कर दिया गया है। दूसरी ओर, प्रदीप घोष ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि मंदिर पूरे गांव का है और इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। फिलहाल इस विवाद को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।