

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तो क्या वेटलैंड से अतिक्रमण हटाने के लिए सेंट्रल फोर्स बुलानी पड़ेगी। इस बाबत दायर मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की जस्टिस अमृता सिन्हा ने यह टिप्पणी की। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि विरोध प्रदर्शन के कारण बिजली के कनेक्शन नहीं काट पाए हैं। जस्टिस सिन्हा ने आदेश दिया कि इस मामले में केंद्र सरकार को पार्टी बनाया जाए। जस्टिस सिन्हा का सीधा सवाल था कि उन 505 अवैध निर्माण के मामले में क्या हुआ जिनकी पहचान की जा चुकी है। इस्ट कोलकाता वेटलैंड अथॉरिटी की तरफ से कहा गया कि केएमसी से बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की अपील की गई थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके साथ ही कहा कि डीएम से भी इस मामले में कहा गया था, पर उनके स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वेटलैंड पर निर्माण नहीं किए जाने को लेकर पांच अखबारों में विज्ञापन भी दिया जा चुका है। एडीएम लैंड एंड रिवेन्यू ने अपनी रिपोर्ट भी दाखिल की है। अथॉरिटी की तरफ से कहा गया कि हमारे पास कोई बुनियादी ढांचा नहीं है जिसका इस्तेमाल करते हुए अवैध निर्माण को गिरा सकें। कोर्ट को बताया गया कि अवैध निर्माण का बिजली कनेक्शन काटने का आदेश दिया गया था पर विरोध के कारण नहीं काटा जा सका। जस्टिस सिन्हा का सवाल था कि अगर विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यवाही नहीं कर पाते हैं तो क्या हमें दूसरी एजेंसी का सहारा लेना पड़ेगा। कोर्ट ने अवैध रूप से बनाए गए 505 मकानो को गिराने का आदेश दिया था। यहां भी अथॉरिटी क्या एक ही जवाब था कि डीएम ने कार्रवाई नहीं की है। जस्टिस सिन्हा ने इस मामले में केंद्र सरकार, हाउसिंग मिनिस्ट्री और पर्यावरण विभाग को पार्टी बनाने का आदेश दिया है. इसकी अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी.