मिलन प्रधान को मिली 28 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत 

हाई कोर्ट ने दिया आदेश 
मिलन प्रधान को मिली 28 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत 
Published on: 

नंदीग्राम से कांग्रेसी उम्मीदवार  जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता  कोलकाता : नंदीग्राम विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने मंगलवार को यह आदेश दिया। कारण ग्यारह दिनों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब वे चुनाव प्रचार में हिस्सा ले पाएंगे। उन्हें 29 अक्टूबर को अदालत में वापस सरेंडर करना पड़ेगा। राज्य सरकार की तरफ से बहस कर रहे एडिशनल एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार में अंतरिम जमानत दी जाने का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी जघन्य मामले का अभीयुक्त 20 साल तक फरार रहने के बाद किसी चुनाव में किसी पार्टी का उम्मीदवार बन जाता है तो क्या उसे जमानत दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पेटीशनर के खिलाफ हत्या के छह मामले हैं। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि पेटीशनर को अंतरिम जमानत देकर इस तरह की नजीर कायम नहीं करें। जस्टिस घोष ने सवाल किया कि इन छह मामलों की जीडी कहां है। एडवोकेट मजूमदार ने कहा कि पेटीशनर को गिरफ्तार करने में राज्य सरकार की कोई  दिलचस्पी नहीं थी। उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करने के बाद अन्य उम्मीदवारों की शिकायत कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। जस्टिस घोष ने सवाल किया कि आप यह कैसे कह सकते हैं कि उसकी गिरफ्तारी में राज्य सरकार की दिलचस्पी नहीं है। पेटीशनर की तरफ से बहस कर रहे सीनियर एडवोकेट मिलन मुखर्जी ने कहा कि अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन मामलों को वापस ले लिया था। हाई कोर्ट के एक डिवीजन बेंच के आदेश के बाद 2025 में इन मामलों में नए सिरे से एफ आई आर दायर की गई। उन्होंने कहा कि पेटीशनर को इसकी जानकारी नहीं थी। यह सारे मामले 19 साल पुराने हैं। जस्टिस घोष ने कहा कि पिटीशनर एक राजनीतिक कार्यकर्ता  है और ये सारे मामले 2007 के भूमि आंदोलन से जुड़े हैं। राज्य सरकार ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाई है जिससे यह साबित हो की 18 सितंबर से पहले भी उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की गई थी। जस्टिस घोष ने आदेश दिया है कि पेटीशनर को दस दस हजार रुपए का दो बॉन्ड भरना पड़ेगा, इनमें एक लोकल होना चाहिए। वह अपना मोबाइल नंबर आईओ को देगा। आईओ दिन में दो बार फोन करके उसे उसके लोकेशन की जानकारी लेंगे।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in