हाई कोर्ट की पहल : दो मरीजों को जीवनदान

दी किडनी ट्रांसप्लांटशन की अनुमति
हाई कोर्ट की पहल : दो मरीजों को जीवनदान
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जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हाई कोर्ट की पहल पर दो मरीजों को शुक्रवार को जीवनदान मिल गया। जस्टिस कृष्णा राव ने आदेश दिया कि इसकी कापी मिलते ही किडनी ट्रांसप्लांटेशन की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही स्पष्ट कर दिया कि शनिवार और रविवार का हवाला देकर मामले को टाल नहीं सकते हैं। संबंधित अस्पतालों को आदेश दिया है कि 24 घंटे के अंदर किडनी ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया शुरू की जाए। ऑथराइजेशन कमेटी ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

रीता संथालिया और ख्याति खंडेलवाल ने हाई कोर्ट में पीटिशन दायर किया था। किडनी ट्रांसप्लांटेशन के लिए ऑथराइजेशन कमेटी के पास आवेदन करना पड़ता है। उनका आवेदन इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि किडनी दान करने वाला उनका नजदीकी रिश्तेदार नहीं है। रीता संथालिया को राहुल चौधरी ने अपनी किडनी दान करने पर सहमति जतायी है। इस बाबत उत्तर 24 परगना के सीएमओ से रिपोर्ट तलब की गई थी। सीएमओ ने बैरकपुर के एसडीओ को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। एसडीओ की तरफ से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया था कि इसमें पैसे का कोई लेनदेन नहीं है। राहुल चौधरी मानवीय और अपने संबंधों के आधार पर किडनी दान में दे रहे हैं। इसके बाद भी जब अनुमति नहीं मिली तो हाई कोर्ट में पीटिशन दायर कर दिया। राहुल चौधरी से अपने व्यसायिक संबंध के बाबत रीता संथालिया के पति ने 2019 का एक दस्तावेज पेश किया था। ऑथराइजेशन कमेटी का मानना था कि यह दस्तावेज हाल ही में तैयार किया गया है। राहुल चौधरी ने बैरकपुर कोर्ट के फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट के समक्ष एफिडेविट दाखिल करके कहा था कि किडनी दान करने के मामले में पैसों का कोई लेनादेना नहीं है। जस्टिस राव ने अपने आदेश में कहा है कि ऑथराइजेशन कमेटी का यह फैसला कानून के मुताबिक नहीं है। ख्याली खंडेलवाल का भी ऐसा ही मामला था। जस्टिस राव ने कहा कि इस मामले में भी यही आदेश लागू होगा।


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