

सन्मार्ग संवाददाता
बर्दवान : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि अगर स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) माफ किया जाता है, तो इससे राज्य के खजाने को हर साल लगभग 900 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
जीएसटी दरों में एक बड़े बदलाव के तहत, स्वास्थ्य बीमा और कई वस्तुओं को जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव, जीएसटी परिषद की अगली बैठक में चर्चा के लिए पेश किया जा सकता है।
जीएसटी परिषद की बैठक अगले महीने की शुरुआत में होगी
ममता बनर्जी ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी छूट की पहल सबसे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने की थी ताकि आम लोगों के लिए स्वास्थ्य बीमा लेना आसान और सस्ता हो सके।
बर्दवान शहर में एक सरकारी कार्यक्रम में बनर्जी ने कहा, "स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी माफ करने से बंगाल को 900 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। लेकिन हमें पहले लोगों के बारे में सोचना होगा। हमने इस सुधार की वकालत इसलिए की है ताकि अधिक से अधिक नागरिक स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा सकें।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर ताजा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें उनसे (मोदी से) कभी यह उम्मीद नहीं थी कि वे उनकी कुर्सी का अनादर करने के साथ-साथ राज्य के लोगों को ‘चोर’ बताकर पूरे प्रांत का अपमान करेंगे। उन्होंने यह बयान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता (मोदी) की हालिया टिप्पणियों के संदर्भ में दिया।
शहर में लोगों के बीच सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ वितरित करने के लिए आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बनर्जी ने मोदी की टिप्पणी को पश्चिम बंगाल के लोगों का ‘अपमान’ बताया और केंद्रीय धन के आवंटन पर रोक लगाने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य के खजाने पर ‘भारी बोझ’ पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को मेरी कुर्सी का उतना ही सम्मान करना चाहिए जितना मैं उनकी कुर्सी का करती हूं। मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि वे पश्चिम बंगाल के लोगों को ‘चोर' कहेंगे।’’
बनर्जी ने दावा किया, ‘‘सच तो यह है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार की तथाकथित ‘डबल इंजन’ वाली भाजपा सरकारों के कामकाज पर आंखें मूंद ली हैं, जहां भ्रष्टाचार अपने चरम पर है।’’
कोलकाता में 22 अगस्त को एक जनसभा में मोदी ने कहा था कि ‘भ्रष्टाचार, अपराध और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे के पर्याय हैं।’
उन्होंने आरोप लगाया था, ‘‘केंद्र द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा जाने वाला धन लोगों तक नहीं पहुंचता, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उसे खा जाते हैं।’’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि हर बार जब चुनाव आता है तो मोदी प्रवासी पक्षी की तरह पश्चिम बंगाल आते हैं। बनर्जी ने दावा किया कि राज्य प्रशासन ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रीय धन के उपयोग के बारे में केंद्र सरकार के सभी प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दे दिया है।
बनर्जी ने कहा, ‘‘हमने आपके सभी प्रश्नों के उत्तर दे दिए हैं, फिर भी आप धन का वितरण रोक रहे हैं और पश्चिम बंगाल को ‘चोर’ कह रहे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल में 186 केंद्रीय टीमें भेजीं और उन्हें कुछ नहीं मिला। एक छात्र सभी प्रश्नों के उत्तर देने के बाद शून्य अंक प्राप्त करना कैसे स्वीकार कर सकता है? हम इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’