'लाल बत्ती' तो मिली, पर 'दफ्तर' नहीं! शोभनदेव का दर्द

विधानसभा में विपक्ष का ‘ऑफिस संकट’
शोभनदेव चट्टोपाध्याय
शोभनदेव चट्टोपाध्याय
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी दल को कार्यालय कक्ष के आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष तथा तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया है कि उन्हें अब तक विधानसभा में बैठने के लिए निर्धारित कक्ष नहीं मिला है, जिससे उनकी राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें ‘लाल बत्ती वाहन’ मिल गया है, लेकिन कार्य संचालन के लिए स्थायी कार्यालय नहीं होने से वे आम लोगों और कार्यकर्ताओं से सही तरीके से मिल नहीं पा रहे हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति विपक्ष की भूमिका निभाने में बाधा उत्पन्न कर रही है। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्रनाथ बोस ने इस मामले पर कहा कि विपक्षी नेताओं के कार्यालयों का नवीनीकरण और व्यवस्था का काम चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक सुविधाएं उचित प्रक्रिया के बाद उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने स्पीकर के इस स्पष्टीकरण पर असंतोष जताया है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने सवाल उठाया कि जब सत्ता पक्ष के कार्यालय तुरंत तैयार हो जाते हैं, तो विपक्षी कार्यालय में देरी क्यों हो रही है। इस बीच, विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में धरना देने तक की चेतावनी दी है।

पार्टी का कहना है कि विपक्ष को उचित सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे प्रभावी ढंग से जनता के मुद्दे उठा सकें। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और विधानसभा में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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