फलता में विरोध की लहर, टीएमसी नेताओं पर धमकाने के आरोप

प्रदर्शनकारियों ने मतगणना के बाद सुरक्षा देने की मांग उठायी
फलता में विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय   लोगों की भीड़ उमड़ी
फलता में विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ी
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राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

दक्षिण 24 परगना : फलता क्षेत्र के हाशिमनगर में शनिवार को एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मतगणना के बाद सुरक्षा मुहैया कराने और पुनर्मतदान की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने 17 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर विरोध जताया। ग्रामीणों के एक वर्ग का आरोप है कि भाजपा को वोट देने के कारण तृणमूल समर्थित बदमाश घर-घर जाकर उन्हें धमका रहे हैं। इस मामले में फलता के तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान और उनके करीबी ग्राम पंचायत प्रधान इसराफिल सरदार का नाम सामने आया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनके नेतृत्व में लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें मतदान करने से रोका गया और विरोध करने पर मारपीट की गई। भाजपा समर्थकों के साथ कथित तौर पर हिंसा भी हुई। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर संबंधित नेताओं की गिरफ्तारी और फलता में पुनर्मतदान की मांग उठाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पर्यवेक्षक मौके पर पहुंचे। फलता थाने की पुलिस और केंद्रीय बलों को इलाके में तैनात किया गया है। इसके बावजूद इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने राज्य पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि उनके घर में घुसकर मारपीट की गई और इलाके से पलायन करने की धमकी दी गई। हालांकि, एक पुलिस अधिकारी ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। वहीं, सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि वे स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर लोगों में भरोसा कायम करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात हैं। इस बीच, निर्वाचन आयोग ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।

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