

कोलकाता: खुद को आबकारी विभाग (Excise Department) का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों को सरकारी लाइसेंस दिलाने का झांसा देने वाले एक शातिर जालसाज को बहूबाजार थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान देबार्चन बसु के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुप्त सूचना के आधार पर कसबा इलाके से दबोचा।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देबार्चन बसु पिछले काफी समय से खुद को आबकारी विभाग का प्रभावशाली अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बना रहा था। वह फर्जी पहचान के साथ लोगों को फोन करता और उन्हें आबकारी विभाग से संबंधित विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक लाइसेंस आसानी से दिलवाने का लालच देता था। इस काम के बदले वह पीड़ितों से "सरकारी शुल्क" और "प्रोसेसिंग फीस" के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
हाल ही में एक पीड़ित ने बहूबाजार थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि लाइसेंस के नाम पर उससे लाखों रुपये की ठगी की गई है। शिकायत मिलने के बाद कोलकाता पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोपी के फोन नंबर और लोकेशन को ट्रैक करते हुए जाल बिछाया और अंततः उसे कसबा क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
मंगलवार को आरोपित देबार्चन बसु को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने दलील दी कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी है और इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। अदालत ने मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए आरोपित को 27 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है।
पुलिस अब आरोपित से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि उसने शहर के कई अन्य व्यापारियों को भी अपना शिकार बनाया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विभाग का कोई कर्मचारी या अन्य बाहरी लोग इस नेटवर्क में उसके साथ शामिल थे।