160 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई

कोलकाता और उत्तर 24 परगना में 8 ठिकानों पर छापेमारी
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ईडी ने मंगलवार को करीब 160 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले की जांच के सिलसिले में कोलकाता और उत्तर 24 परगना जिले में एक साथ आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में बड़ी संख्या में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये की उगाही की गई।

ईडी के सूत्रों के मुताबिक, इस कथित घोटाले में करीब 19 हजार लोगों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि एक संगठित गिरोह ने पश्चिम बंगाल सरकार की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने का वादा कर लोगों से मोटी रकम वसूली। लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि यदि वे अधिक पैसा जमा करेंगे तो उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ मिलेगा। इसी लालच में हजारों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई विभिन्न संस्थाओं में जमा कर दी।

उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव में ईडी ने चार स्थानों पर छापेमारी की। इनमें मामले के प्रमुख आरोपी अभिजीत बिस्वास का आवास भी शामिल था। हालांकि, जब जांच अधिकारी उनके घर पहुंचे तो वह वहां मौजूद नहीं थे। ईडी ने उनके घर और अन्य संबंधित परिसरों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।

ईडी ने इस मामले में हाल ही में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है। एजेंसी की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर के अनुसार, 2014 से 2020 के बीच विभिन्न संगठनों और कंपनियों के माध्यम से लोगों से धन एकत्र किया गया। इन संस्थाओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का दावा करते हुए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरे मामले के पीछे एक बड़ा और संगठित गिरोह सक्रिय था। लोगों को अधिक रकम जमा करने पर अधिक लाभ मिलने का लालच दिया जाता था। इसी तरीके से करोड़ों रुपये की कथित ठगी को अंजाम दिया गया। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि जुटाई गई राशि को किन-किन बैंक खातों और कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर किया गया तथा क्या इस धन का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया।

फिलहाल ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। एजेंसी का उद्देश्य इस कथित घोटाले के पूरे नेटवर्क का पता लगाना और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच करना है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस संबंध में और खुलासे होने की संभावना है।

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