पश्चिम बंगाल में ई-वे बिल सीमा घटाकर ₹50,000, व्यापारिक संगठनों ने जताई चिंता

पश्चिम बंगाल में ई-वे बिल सीमा घटाकर ₹50,000, व्यापारिक संगठनों ने जताई चिंता
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के भीतर माल परिवहन हेतु ई-वे बिल की अनिवार्यता की सीमा ₹1 लाख से घटाकर ₹50,000 कर दी है। वाणिज्यिक कर निदेशालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह नई व्यवस्था 1 जून 2026 से प्रभावी होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से कर अनुपालन को मजबूती मिलेगी, कर अपवंचन पर अंकुश लगेगा तथा राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी।

हालांकि, व्यापारिक जगत ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। कॉन्फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रेड एसोसिएशन्स (CWBTA) के अध्यक्ष श्री सुशील पोद्दार ने संवाददाता को बताया कि ई-वे बिल की सीमा में की गई यह कटौती राज्य के लाखों छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त अनुपालन भार डालेगी। इससे व्यापारियों की प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी तथा कारोबार संचालन की लागत में भी वृद्धि होगी।

श्री पोद्दार ने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु व्यापारी पहले से ही अनेक नियामकीय औपचारिकताओं का पालन कर रहे हैं। ऐसे में सीमा को ₹50,000 तक घटाना उनके लिए व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूबीटीए ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर ई-वे बिल की न्यूनतम सीमा पुनः ₹1 लाख निर्धारित करने का अनुरोध किया है, ताकि व्यापार सुगमता बनी रहे और छोटे व्यापारियों के हित सुरक्षित रह सकें।

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