

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के आगामी दूसरे चरण के मतदान को निर्विघ्न और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में रविवार को कोलकाता के धनधान्य ऑडिटोरियम में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंद ने की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अधिकारियों को दिए निर्देश
बैठक में कोलकाता के दो जिला चुनाव अधिकारियों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारी भी शामिल हुए। इसके अलावा, सिविल और पुलिस सेक्टर ऑफिसर, जनरल ऑब्जर्वर और स्पेशल ऑब्जर्वर ने भी हिस्सा लिया। पुलिस आयुक्त अजय नंदा ने स्पष्ट किया कि मतदान के दिन सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मतदान केंद्रों पर पुलिस की तैनाती के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी और एचआरएफएस (हाई रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रत्येक पुलिसकर्मी और अधिकारी को एक विशेष 'गाइडबुक' दी गई है, जिसमें उनकी भूमिका और सुरक्षा निर्देशों की विस्तृत जानकारी है।
केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस के बीच तालमेल
पुलिस कमिश्नर ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया गया है। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
बाइक रैली पर सख्त पाबंदी
चुनाव आयोग द्वारा बाइक रैली पर लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में सीपी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने मतदान से 72 घंटे पहले बाइक रैली पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश को कुछ शर्तों के साथ स्पष्ट किया है, जिसका पालन सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता होगी।