

कोलकाता: सोमवार को नवान्न में राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी पहली उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस बल को स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस अब बिना किसी राजनीतिक दबाव के, 'रूल बुक' (नियमों) के आधार पर स्वतंत्र और निर्भीक होकर काम करे।
हिंसा के पुराने मामलों की फिर होगी जांच
बैठक में मुख्यमंत्री ने एक बड़ा निर्देश देते हुए कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव और 2023 के पंचायत चुनाव के बाद हुई हिंसा के जिन मामलों में पुलिस ने 'फाइनल रिपोर्ट' देकर फाइलें बंद कर दी थीं, उन्हें फिर से खोला जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन मामलों की नए सिरे से निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध हथियारों की बरामदगी और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है।
शासक हो या विपक्ष, कानून सबके लिए बराबर
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को आश्वस्त किया कि किसी भी पुलिसकर्मी को 'टारगेट' नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "काम के सिलसिले में पुलिस अधिकारी सत्ता पक्ष या विपक्ष, किसी से भी बात कर सकते हैं। अब किसी के दबाव में आकर 'हाँ' में 'हाँ' मिलाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब यह जनता की सरकार है।"
सिंडिकेट और पशु तस्करी पर 'जीरो टॉलरेंस'
राज्य की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने 'सिंडिकेट राज' और अवैध मवेशी तस्करी के खिलाफ कठोरतम कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दाग़ी अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो।
जनता की समस्याओं का हो तुरंत समाधान
बैठक में राज्य पुलिस के महानिदेशक , कोलकाता पुलिस आयुक्त और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाने से न हिचकिचाए।