पार्क सर्कस बना रणक्षेत्र, पुलिस पर पथराव, कई वाहनों में तोड़फोड़

तीन पुलिसकर्मी घायल, 15 उपद्रवी गिरफ्तार
पार्क सर्कस इलाके में एक उपद्रवी को पकड़ कर ले जाते हुए पुलिस कर्मी
पार्क सर्कस इलाके में एक उपद्रवी को पकड़ कर ले जाते हुए पुलिस कर्मी
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कोलकाता: तिलजला इलाके में एक अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहाए जाने के विरोध में रविवार को पार्क सर्कस सेवेन पॉइंट पर जबरदस्त हंगामा और हिंसक प्रदर्शन हुआ। अवैध निर्माण तोड़े जाने से नाराज स्थानीय लोगों ने बिना अनुमति के पार्क सर्कस चौराहे पर सड़क जाम करने की कोशिश की। जब पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने पुलिस बल पर अचानक हमला कर दिया और जमकर पथराव किया। इस हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोलकाता पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों को भी तैनात किया गया है।

पार्क सर्कस इलाके में प्रदर्शन करते लोग
पार्क सर्कस इलाके में प्रदर्शन करते लोग

सरकारी वाहनों और बसों को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की इस गैरकानूनी भीड़ में स्थानीय निवासियों के अलावा भारी संख्या में बाहरी असामाजिक तत्व भी शामिल थे। जैसे ही पुलिस ने यातायात को सुचारू करने के लिए सड़क से प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू किया, माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। उपद्रवियों ने पुलिस को निशाना बनाकर चारों तरफ से पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कोलकाता पुलिस के तीन वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया और सड़क पर चल रही बसों में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : अतिरिक्त सीपी

घटनास्थल पर पहुंचे कोलकाता पुलिस के एडिशनल सीपी अशेस विश्वास ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक अवैध जमावड़ा था, जिसका मकसद सड़क जाम करना था। जब पुलिस ने इन्हें हटाने की कोशिश की, तो सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। हमारे तीन जवान घायल हुए हैं और पुलिस की तीन गाड़ियों को तोड़ा गया है।’ उन्होंने आगे बताया, "हमारे पास इस संबंध में पहले से ही खुफिया इनपुट था, जिसके कारण पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद था। इसी तैयारियों की वजह से एक बहुत बड़ी घटना होने से टल गई।’ एडिशनल सीपी अशेस विश्वास ने उपद्रवियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, ‘इस हिंसा के पीछे किसका हाथ है, हम उसकी गहराई से जांच कर रहे हैं। घटनास्थल से कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है। हम किसी को भी नहीं छोड़ेंगे, सबके खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’ प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के आरोपों और महिलाओं के साथ सख्ती बरतने के सवाल पर उन्होंने दो टूक कहा, ‘जब पुलिस पर जानलेवा हमला हुआ हो, तो कार्रवाई करते समय कोई जेंडर नहीं देखा जाएगा। कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।’ फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है।

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