

कोलकाता : राज्य में 1 अगस्त से शुरू होने वाली डिजिटल जनगणना के पहले चरण में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक वर्मन ने कहा है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूलों में सुबह की पाली में कक्षाएं संचालित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के एक वर्ग ने सुझाव दिया है कि यदि विद्यालय सुबह संचालित किए जाएं तो कक्षाएं समाप्त होने के बाद शिक्षक जनगणना का कार्य भी सुचारु रूप से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा, ताकि शिक्षा और जनगणना दोनों कार्य बिना किसी व्यवधान के पूरे किए जा सकें।
दीपक वर्मन ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था पर भी विचार कर रही है। माध्यमिक परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की उपस्थिति को अधिक महत्व दिया जाएगा और इसके लिए फेस-बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए उपस्थिति दर्ज करने की योजना पर मंथन चल रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में शिक्षकों को भी बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के दायरे में लाया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य में अब हर वर्ष नियमित रूप से शिक्षक नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही कम छात्र संख्या वाले जूनियर हाई स्कूलों के पुनर्गठन, प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कम से कम तीन शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई नई पहल की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि चालू शैक्षणिक वर्ष में राज्य के 800 विद्यालयों को पीएम-श्री स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लगभग 1,000 विज्ञान विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच से जोड़ना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन कदमों से जनगणना जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य और विद्यार्थियों की पढ़ाई, दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।