जनगणना के लिए आधार या वोटर आईडी जरूरी नहीं

केएमसी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कर्मियों ने जनगणना के लिए अपने बारी का इंतजार करते हुए
केएमसी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कर्मियों ने जनगणना के लिए अपने बारी का इंतजार करते हुए
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राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य में शनिवार से शुरू हुई जनगणना 2027 की स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया के तहत नागरिकों को किसी भी दस्तावेज को अपलोड करने या यह बताने की आवश्यकता नहीं होगी कि विधानसभा चुनाव से पहले जारी मतदाता सूची में उनका नाम था या नहीं। जनगणना अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना के दौरान कोई दस्तावेज अपलोड नहीं करना होगा और न ही पहले चरण में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले एन्यूमरेटर को कोई दस्तावेज दिखाना होगा। जनगणना के पहले चरण ‘हाउस-लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना’ में मकान की स्थिति, परिवार की विशेषताएं तथा पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना पकाने के ईंधन, इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं और घरेलू परिसंपत्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी। इस चरण में स्व-गणना की सुविधा दी गई है, जिसके बाद गणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। इसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी और परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, आयु, लिंग, जाति तथा धर्म सहित अन्य विवरण दर्ज किए जाएंगे।

स्व-गणना में पूछे जा रहे हैं ये सवाल

स्व-गणना पूरी कर चुके कई निवासियों ने बताया कि उनसे पूछा गया कि वे पक्के मकान में रहते हैं या नहीं, मकान अपना है या किराये का, उनके पास दोपहिया या कार है या नहीं तथा घर में रेडियो उपलब्ध है या नहीं। नागरिक se.census.gov.in पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

स्कूलों के सहयोग से बढ़ेगी स्व-गणना की रफ्तार

केएमसी की एक अधिकारी ने बताया कि जनगणना अभियान में स्कूलों के छात्र सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। इसके लिए 300 निजी और 700 सरकारी स्कूलों को अभियान से जोड़ा गया है। एक छात्र अपने परिवार के अलावा आसपास के 10 अन्य परिवारों को भी स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करने में मदद कर सकता है। वहीं, स्कूलों में नियुक्त नोडल जनगणना शिक्षक भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि 15 अगस्त तक लगभग 25 लाख लोग स्व-गणना पूरी कर लेंगे। स्व-गणना के दौरान परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है, जबकि ई-मेल पता देना वैकल्पिक है।

SEID सुरक्षित रखना जरूरी

स्व-गणना पूरी होने पर सिस्टम 11 अंकों की सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SEID) जारी करता है। अधिकारियों ने नागरिकों से इस आईडी को सुरक्षित रखने की अपील की है, क्योंकि घर-घर आने वाले एन्यूमरेटर इसी SEID की जानकारी मांगेंगे। हालांकि, स्व-गणना अनिवार्य नहीं है, लेकिन इससे घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने में लगने वाला समय कम होगा। साथ ही लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे त्रुटियों की संभावना भी कम रहेगी।

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