

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : असम और पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए वाहनों के आदान-प्रदान को सुचारू बनाने के लिए नवान्न ने सतर्कता बढ़ा दी है। चुनाव आयोग के निर्देश पर दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों की हालिया बैठक में आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
असम विधानसभा चुनाव के लिए बंगाल से करीब 3,500 वाहनों की मांग की गई है, जिनमें लगभग 1,500 बसें शामिल हैं। उत्तर बंगाल परिवहन निगम के पास पर्याप्त बसें न होने के कारण अन्य जिलों से बसें मंगाई जा रही हैं। वहीं, कूचबिहार जिला असम के कोकराझार और धुबरी जिलों से करीब 400 वाहन लेगा।
कूचबिहार में कुल 2,537 मतदान केंद्र हैं, जहां चुनाव कर्मियों और पुलिस बल की तैनाती के लिए लगभग 2,600 वाहनों की जरूरत होगी। इसके अलावा केंद्रीय बलों के आवागमन के लिए भी अतिरिक्त वाहनों की आवश्यकता है। फिलहाल जिले में केवल एक-तिहाई वाहन उपलब्ध हैं, शेष असम से लाए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में सड़कों पर वाहनों की कमी से आम लोगों को कुछ परेशानी हो सकती है। चुनाव के बाद इन वाहनों को वापस लाकर उत्तर बंगाल में ईवीएम और कर्मियों के परिवहन में उपयोग किया जाएगा।