आरोप : साहा ने बेहिसाब पैसों से संपत्ति खरीदी और अपने नजदीकियों के नाम पर गिफ्ट कींं

आरोप : साहा ने बेहिसाब पैसों से संपत्ति खरीदी और अपने नजदीकियों के नाम पर गिफ्ट कींं
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सोमवार की शाम साढ़े 6 बजे उन्हें कोलकाता के नगर दायरा अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश प्रशांत मुखोपाध्याय की अदालत में सुनवाई हुई। ईडी की ओर से अधिवक्ता धीरज त्रिवेदी और भास्कर प्रसाद बनर्जी ने दलील रखते हुए कहा कि शिक्षक भर्ती घोटाले में कई लोगों से धन लेन-देन हुआ है और वह पैसा साहा और उनके नजदीकियों के खातों में जमा हुआ। पूछताछ के दौरान विधायक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि साहा ने बेहिसाबी पैसों से बड़ी संख्या में अचल और चल संपत्ति खरीदी, जिन्हें बाद में अपने नजदीकियों के नाम पर गिफ्ट कर दिया। जांच में ईडी को उनकी पत्नी के खाते में भी भारी रकम का पता चला। पूछताछ में विधायक की पत्नी ने स्वीकार किया कि वह पैसा उनके पति ने ही दिया था।

6 दिन की हिरासत की मांग की गयी

ईडी ने अदालत से 6 दिन की हिरासत की मांग की। वहीं, विधायक की ओर से अधिवक्ता जाकिर हुसैन ने कहा कि वह आज जमानत की अर्जी नहीं दे रहे, बल्कि इस मामले से पूरी तरह रिहाई चाहते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जीवनकृष्ण साहा को शनिवार तक ईडी की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

गिरफ्तारी पर सवाल, फिर भी शनिवार तक ईडी हिरासत में जीवकृष्ण साहा

साहा के वकील ने दी दमदार दलील

गिरफ्तारी से पहले जीवनकृष्ण साहा और उनकी पत्नी तीन बार ईडी दफ्तर में पेश हो चुके थे। साहा की ओर से दलील दी गई कि जब पहले से ही वह जांच में सहयोग कर रहे थे, तो इस बार इतनी सख्त कार्रवाई क्यों की गई? उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट नहीं हैं, जबकि पहले भी वे लगातार जांच में सहयोग करते आए हैं। ईडी का आरोप है कि स्कूल भर्ती घोटाले में साहा मुख्य साजिशकर्ता हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पैसे वसूले और बेहिसाबी संपत्ति अर्जित की। बीरभूम निवासी दीपक दास से पैसे के लेन-देन के सवाल पर साहा ने इनकार किया। इसी तरह उनकी पत्नी के खाते में संदिग्ध 26 लाख रुपये पाए गए, जिसे लेकर पूछे जाने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

मुख्य बाते

• ईडी का आरोप : लेन-देन और बेहिसाबी संपत्ति

• पत्नी के खाते में 26 लाख रुपये का लेन-देन

• बचाव पक्ष : गिरफ्तारी अवैध, पूरी रिहाई की मांग

• अदालत ने शनिवार तक ईडी हिरासत में भेजा

अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि साहा जांच में सहयोग नहीं कर रहे। डेढ़ साल से जांच चल रही है और 46 लाख रुपये की कुल राशि के लेन-देन की पुष्टि हुई है। दस्तावेजों की मांग करने पर उन्होंने पेश नहीं किए, दीवार फांदकर भागने की कोशिश की और सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन नाले में फेंक दिए, जिन्हें बाद में बरामद कर लिया गया। ईडी ने दलील दी कि गहन पूछताछ और संपत्ति से जुड़े लेन-देन की जांच के लिए हिरासत जरूरी है। इसी आधार पर अदालत से 6 दिन की ईडी रिमांड मांगी गई। वहीं बचाव पक्ष का कहना था कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया अवैध है, जमानत की अर्जी नहीं दी जा रही, बल्कि मामले से पूरी तरह रिहाई की मांग की जा रही है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शनिवार तक जीवनकृष्ण साहा को ईडी हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

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