

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के 14 सरकारी विश्वविद्यालयों में कार्यकारी परिषद (Executive Council-EC) और विश्वविद्यालय न्यायालय (University Court) के नए सदस्यों की नियुक्ति कर लंबे समय से लंबित प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार नियुक्त किए गए सदस्य विभाग के आईएएस और डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों में से हैं। इनका कार्यकाल चार वर्ष या अगले आदेश तक रहेगा।
ये नियुक्तियां जिन विश्वविद्यालयों में की गई हैं, उनमें जादवपुर विश्वविद्यालय, रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय, मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MAKAUT), कल्याणी विश्वविद्यालय समेत कुल 14 राज्य संचालित विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इन विश्वविद्यालयों की कार्यकारी परिषद और विश्वविद्यालय न्यायालय प्रशासनिक एवं नीतिगत निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बताया जा रहा है कि सरकार के इस कदम का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक कार्यों को गति देना, निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुचारु बनाना तथा लंबे समय से लंबित संस्थागत प्रक्रियाओं को सामान्य स्थिति में लाना है।
यह नियुक्तियां ऐसे समय में की गई हैं, जब विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और उच्च शिक्षा संस्थानों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार और राजभवन के बीच विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों को लेकर पिछले कुछ समय से गतिरोध की स्थिति बनी हुई थी। हाल में राज्य सरकार द्वारा नई नियुक्तियां किए जाने को विश्वविद्यालय प्रशासन में स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।