चुनाव आयोग सख्त : बमबाजी हुई तो नपेंगे थानेदार

कोलकाता में एनआईए की छापेमारी
महानगर में तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवान
महानगर में तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवान
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कोलकाता : विधानसभा चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सख्ती बरतने का फैसला किया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदान के दिन कहीं भी बम की बरामदगी या बमबाजी की कोई घटना हुई तो संबंधित थाने के अफिसर-इन-चार्ज (ओसी) के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के बाद कोलकाता पुलिस ने ‘बाउंड डाउन’ प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया है। पुलिसकर्मी और अधिकारी उन सभी लोगों पर सतर्क नजर रख रहे हैं, जिनके खिलाफ मामूली शिकायतें भी दर्ज हैं।

एनआईए की सक्रियता और सघन तलाशी

मंगलवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने दक्षिण कोलकाता के कसबा से लेकर भांगड़ क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। हाल में बमबाजी या बम बरामद होने वाली घटनाओं वाले सभी स्थानों का एनआईए अधिकारियों ने जायजा लिया और स्थानीय स्थिति का निरीक्षण किया।

140 'ट्रबल मेकर्स' की सूची तैयार

लालबाजार सूत्रों के अनुसार, कोलकाता पुलिस ने अब तक 140 ट्रबल मेकर और हिस्ट्रीशीटरों की सूची तैयार कर ली है, जिसे चुनाव आयोग को सौंप दिया गया है। इन सभी व्यक्तियों के पता केंद्रीय बलों को भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। पुलिस और केंद्रीय बल संयुक्त रूप से इन लोगों पर निगरानी रख रहे हैं। सूची में शेख बिनोद समेत कई कुख्यात अपराधियों के नाम शामिल हैं। पुलिस को सूचना है कि इनमें से कई आरोपित फिलहाल कोलकाता से बाहर हैं या फरार चल रहे हैं। मतदान के दिन किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। चुनाव से पहले छोटी-मोटी शिकायतों में भी कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। संदिग्ध व्यक्तियों को ‘बाउंड डाउन’ के तहत नियंत्रित करने पर पुलिस का विशेष ध्यान है।

गलियों में बाइक पेट्रोलिंग और फ्लाइंग स्क्वाड

बुधवार सुबह से ही मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे शहर में मतदान केंद्रों और प्रमुख सड़कों पर करीब 12 हजार स्थानीय पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जबकि 22 हजार केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी सुरक्षा ड्यूटी पर रहेंगे। पुलिस ने गश्ती वाहनों के अलावा बाइक पेट्रोलिंग पर खास जोर दिया है। ट्रैफिक पुलिस भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। हर ट्रैफिक गार्ड से कम से कम दो बाइक सवार सार्जेंट और पुलिसकर्मी निगरानी करेंगे। तंग गलियों में भी बाइक पेट्रोलिंग के जरिए निगरानी रखी जाएगी।\ शहर को 351 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में एक सेक्टर मोबाइल तैनात रहेगा, जिसमें एक अधिकारी और दो सशस्त्र पुलिसकर्मी होंगे। इसके अलावा 306 अतिरिक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) गठित की गई हैं, जिनमें एक पुलिस अधिकारी और आधा सेक्शन केंद्रीय बल शामिल होगा। हर थाने में एक स्ट्राइकिंग फोर्स भी रखी गई है, जिसमें एक इंस्पेक्टर, दो अधिकारी और 21 पुलिसकर्मी शामिल होंगे। हेवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वॉड की जिम्मेदारी भी इंस्पेक्टरों को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी गड़बड़ी की सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में बल मौके पर पहुंच जाए, इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन का साफ संदेश है कि कोलकाता में मतदान की प्रक्रिया बिना किसी बाधा और भय के पूरी होनी चाहिए।

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