

कोलकाता : रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जश्न में शामिल होने के लिए पूरे राज्य और बंगाल के बाहर से करीब 50 हजार से अधिक योग प्रेमी रेड रोड पर जमा हुए। यहां क्यूआर कोड वाले करीब 35,000 लोगों ने पीएम के साथ योग करने का अनुभव लेने के लिए सुरक्षा बाधाओं को पार किया, वहीं रजिस्ट्रेशन न होने के कारण गार्डरेल पार न कर पाने वाले करीब 25 हजार लोग कार्यक्रम स्थल के बाहर सड़क पर ही बैठ गए और सुबह 6.30 बजे से 7.50 बजे के बीच हुए सेशन में हिस्सा लिया। सुबह-सुबह ही, 8 से 80 साल की उम्र के प्रतिभागी देश और बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से रेड रोड पहुंचने लगे। उनमें से कुछ बिहार, दुर्गापुर, कूचबिहार, बारुईपुर, नदिया और श्यामनगर आदि जगहों से आए थे और वर्ष 2014 में शुरू होने के बाद से राज्य द्वारा पहली बार आयोजित इस बड़े कार्यक्रम को देखने के लिए सुबह करीब 4 बजे ही रेड रोड पहुंच गए। प्रतिभागियों को अपने साथ लाए गए मैट के साथ अंदर जाने की इजाजत नहीं थी, इसलिए उन्हें मैट दिए गए।
योग प्रेमी रविशंकर पांडेय ने बताया कि वे आधी रात को बिहार से सियालदह स्टेशन पहुंचे। अपने ग्रुप के 10 अन्य लोगों के साथ स्टेशन इलाके में रात बिताने के बाद, सुबह करीब 5 बजे वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। पांडेय ने कहा, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जश्न पिछले 12 सालों से मनाया जा रहा है, लेकिन यह पहली बार है जब बंगाल ने कोलकाता में इस कार्यक्रम की मेजबानी की। इसी वजह से मैं शहर आया। कार्यक्रम के बाद बारिश शुरू होने के बावजूद, मंच को हटाने का काम तेज़ी से शुरू हुआ। पुलिस ने कहा कि आधी रात के बाद रेड रोड को ट्रैफिक के लिए खोले जाने की संभावना है।
सेशन की शुरुआत फ्री-हैंड वार्म-अप से हुई। इसके बाद 'योगासन' का अभ्यास किया गया। हर खास आसन से पहले, एक्सपर्ट्स ने उसके बारे में बताया। जब प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल पर टहल रहे थे, तो लोगों ने उनकी तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया। कोलकाता के एक स्कूली छात्र ने कहा, एडवांस्ड योग पोज करने के अलावा, हमने एडवांस्ड योग तकनीकें भी करके दिखाईं।
इस दौरान कुछ लोगों को निराशा भी हुई। मुंबई से कार्यक्रम में शामिल होने आए कई लोगों आखिर में वेन्यू के बाहर ही आसन करने पड़े। रजिस्ट्रेशन नहीं करने के कारण इन्हें प्रवेश नहीं मिला।