बंगाल की 17 नदियां प्रदूषण की चपेट में, दामोदर और आदि गंगा भी सूची में

CPCB के आकलन में कई नदी क्षेत्रों में जैविक प्रदूषण गंभीर, सीवेज और घटता जलप्रवाह बनी बड़ी चुनौती
Kolkata
बंगाल की नदियां प्रदूषण की चपेट में
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल की 17 नदियों के कुछ हिस्सों में गंभीर प्रदूषण की स्थिति सामने आई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आकलन में हुगली, दामोदर और आदि गंगा समेत इन नदियों को प्रदूषित नदी क्षेत्रों की सूची में शामिल किया गया है। विश्व नदी दिवस के मौके पर सामने आई जानकारी ने राज्य में नदियों की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाई है।

आदि गंगा में प्रदूषण की गंभीर तस्वीर

कोलकाता से होकर गुजरने वाली आदि गंगा की स्थिति इस संकट का प्रमुख उदाहरण बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष नवंबर में जीराट ब्रिज के पास लिए गए जल नमूने में पानी का रंग काला और दुर्गंधयुक्त पाया गया था।

यहां जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (BOD) 18.5 मिलीग्राम प्रति लीटर, जबकि घुलित ऑक्सीजन महज 2 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज हुई। फीकल कोलीफॉर्म का स्तर भी काफी अधिक पाया गया।

कई नदियों में BOD का स्तर चिंताजनक

CPCB के आंकड़ों के मुताबिक चूर्णी नदी के बिजयपुर-रानाघाट हिस्से में अधिकतम BOD 20.8 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया। विद्याधरी के हरुआ-मालंचा क्षेत्र में यह 29.6 और महानंदा में सिलीगुड़ी के पास 31 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पहुंचा। वैज्ञानिकों के अनुसार BOD का अधिक स्तर पानी में जैविक प्रदूषकों की मौजूदगी का संकेत है।

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