

रांची : झारखंड सरकार ने राज्य में ‘विकसित भारत–गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM-G) योजना लागू करने को गुरुवार को मंजूरी दे दी और अधिकारियों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर सृजित करने का निर्देश दिया। यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (मंत्रिमंडल सचिवालय) वंदना दादेल ने बैठक के बाद कहा, झारखंड मंत्रिमंडल ने राज्य में ‘विकसित भारत–गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम-जी-ग्रामीण) योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है और ग्रामीण विकास विभाग को पीवीटीजी के लिए रोजगार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने का प्रावधान करने का निर्देश दिया है।
दादेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के विस्तार ‘रिम्स-2’ के निर्माण के लिए 4,189.41 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी शामिल है। उन्होंने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक ‘परियोजना प्रबंधन इकाई’ (पीएमयू) स्थापित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), रांची को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ निर्दिष्ट किया गया है, जबकि जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (XISS), रांची परियोजना के प्रभाव का आकलन करेगा।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स-2 में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। भविष्य में इसे एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने आठ और नौ जुलाई को नयी दिल्ली में ‘राष्ट्रीय हितधारक परामर्श-2026’ आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सोरेन करेंगे।
दादेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होने वाले श्रावणी मेले के मद्देनजर देवघर में 28 अस्थायी मेला पुलिस चौकियां और 19 यातायात पुलिस चौकियां स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।