

रांची : झारखंड के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार को 'भारत बंद' के दौरान विभिन्न मजदूर संगठनों के सदस्य चार श्रम संहिताओं के विरोध में सड़कों पर उतर आए। दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न कोयला कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के गेट पर प्रदर्शन किया।
बैंक ऑफ इंडिया (BOI) कर्मचारी संघ के राज्य उप महासचिव उमेश दास ने कहा कि हड़ताल से बैंकिंग, बीमा और कोयला क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। वामपंथी दलों और कांग्रेस ने भी ‘भारत बंद’ को अपना समर्थन दिया है।
राज्य कांग्रेस के महासचिव राकेश सिन्हा ने कहा, नए श्रम कानूनों ने नौकरी की सुरक्षा कम कर दी है व कानूनी सुरक्षा उपायों को कमजोर कर दिया है। जिससे श्रमिकों के अधिकारों और हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
भाकपा (माले) लिबरेशन के राज्य सचिव मनोज भक्त ने आरोप लगाया कि चारों श्रम संहिताएं श्रमिक वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला हैं।
राज्य में कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण कई राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। मजदूरों और किसानों के साथ-साथ बीमा कंपनियों, डाकघरों के कर्मचारियों ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया, जिससे संबंधित क्षेत्रों में कामकाज काफी प्रभावित हुआ। खनिज समृद्ध राज्य में खनन गतिविधियां आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। हालांकि, राज्य में परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं और दुकानें, बाज़ार और अधिकांश व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे।