रांची : झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा कि वह अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव में दो में से एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी जिसके बाद सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने ‘विधायकों की खरीद-फरोख्त’ की आशंका जताते हुए निर्वाचन आयोग (EC) को पत्र लिखा
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के पास विधानसभा में जरूरी संख्या बल नहीं है। ये दो सीट उन 10 राज्य की 24 सीट में शामिल हैं जिन पर 18 जून को चुनाव होगा।
राज्यसभा की एक सीट पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय भाजपा की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने की।
पार्टी की प्रदेश इकाई के महासचिव अमर कुमार बाउरी ने कहा, पार्टी ने झारखंड में खाली हो रही दो राज्यसभा सीट में से एक पर अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।
बाउरी ने कहा कि पार्टी केवल चुनाव लड़ने के लिए ही उम्मीदवार नहीं उतार रही बल्कि वह अपनी जीत भी सुनिश्चित करेगी।
झारखंड की इन 2 सीटों में से एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी तथा दूसरी सीट से भाजपा नेता दीपक प्रकाश सांसद हैं जिनका छह साल का कार्यकाल 21 जून को पूरा हो रहा है।
वर्तमान में 81 सदस्यीय विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के 24 विधायक हैं। इनमें BJP के 21 और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी तथा जनता दल (यूनाइटेड) का 1-1 विधायक शामिल है। वहीं, ‘इंडिया’ गठबंधन के 56 सदस्य हैं, जिनमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 4 और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के 2 विधायक शामिल हैं। इनके अलावा झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी सदन में 1 सदस्य है।
बाउरी ने कहा, हमें जीत के लिए 81 मत में से 28 मत हासिल करने होंगे और हम निश्चित रूप से ये मत हासिल करेंगे। इस घोषणा के बाद JMM ने चुनाव के दौरान संभावित ‘खरीद-फरोख्त’ की आशंका जताते हुए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा।
पार्टी ने अपने पत्र में कहा, झारखंड विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के केवल 21 सदस्य हैं। इसके बावजूद विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारेंगे।
पत्र में कहा गया कि राज्यसभा का कोई उम्मीदवार विधानसभा के कम से कम 28 सदस्यों के प्रथम वरीयता मत हासिल करने पर विजयी घोषित होता है। इसलिए, हमारे गठबंधन में 56 सदस्य होने के मद्देनजर राज्यसभा के लिए हमारे दो सदस्यों का निर्वाचन सुनिश्चित है।