झारखंड : 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में 62% मतदान, मतगणना 27 फरवरी को

चुनाव में 43 लाख से अधिक मतदाताओं ने 6,000 से अधिक उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर दिया
मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक संपन्न हुआ
मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक संपन्न हुआ
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रांची : झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए मतदान की अर्हता रखने वाले मतदाताओं में 62 प्रतिशत से सोमवार को अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

चुनाव अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी की एक घटना में 2 लोगों के घायल होने सहित हिंसा के मामलों के अलावा राज्य में मोटे तौर पर चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अधिकारी ने बताया कि मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक संपन्न हुआ। मतगणना 27 फरवरी को होगी।

राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने कहा, कुल 62 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान शांतिपूर्ण रहा। सरायकेला नगर पंचायत में सबसे अधिक 74.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि रांची नगर निगम में सबसे कम 43.35 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद धनबाद नगर निगम में 46.98 प्रतिशत मतदान हुआ। इस चुनाव में 43 लाख से अधिक मतदाताओं ने 6,000 से अधिक उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर दिया।

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची के एटीआई भवन स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। गंगवार ने संवाददाताओं से कहा, मतदान लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम सभी को वोट देना चाहिए। लोगों के पास प्रतिनिधियों को चुनने का विकल्प है। हमें ऐसे लोगों को चुनना चाहिए जो हमारे क्षेत्र और राज्य के बारे में सोचते हों और इलाकों को साफ-सुथरा रखें।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी एवं गांडे सीट से विधायक कल्पना सोरेन ने रांची के हरमू इलाके में सेंट पॉल कुलदीप हाईस्कूल में स्थित एक बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

मुख्यमंत्री सोरेन ने मतदान करने के बाद कहा, नगर निकाय चुनाव हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके तहत हम अपने स्थानीय प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। हमने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है और लोगों से अपील करते हैं कि वे भी अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करें।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के काजू बागान इलाके में एक बूथ पर अपना मताधिकार प्रयोग किया। राज्य चुनाव आयुक्त (SEC) अलका तिवारी ने रांची की वार्ड संख्या 40 में अपने मताधिकार का प्रयोग किया और कहा कि पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा है। अधिकतर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि, 2 प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों रांची और धनबाद में कम मतदान दर्ज किया गया। राज्य के कुछ हिस्सों से अराजकता और मामूली झड़पों की खबरें मिलीं।

गिरिडीह जिले के टाउन पुलिस थाना क्षेत्र के एक बूथ पर दो उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। हालांकि, पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया। जिले के आजाद नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 18 में गोलीबारी की एक घटना घटी, जिसमें 2 लोग घायल हो गए।

गिरिडीह के उपायुक्त राम निवास यादव ने बताया, आज़ाद नगर इलाके में गोलीबारी की घटना हुई जिसमें दो लोग घायल हो गए। हालांकि, यह घटना शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद हुई। मतदान प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आई। हम घटना की जांच करेंगे और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

बोकारो जिले के चास नगर निगम क्षेत्र के बूथ नंबर 32 पर मामूली झड़प की सूचना मिली, जबकि रांची में हिंदपीढी क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। रांची में कई इलाकों के मतदाताओं ने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था का आरोप लगाया। राजेश सिन्हा नामक व्यक्ति ने कहा कि उनका नाम मतदाता सूची में न होने के कारण वह अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके।

सिन्हा ने कहा, मेरा मतदान केंद्र धुर्वा स्थित कैराली स्कूल में था। मुझे मतदान केंद्र के बाहर एक पर्ची दी गई थी जिस पर मेरा नाम और कमरा नंबर लिखा था। जैसे ही मैं मतदान केंद्र में दाखिल हुआ, मतदान अधिकारियों को मेरा नाम मतदाता सूची में नहीं मिला, जबकि मेरा नाम निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मौजूद था। मुझे वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई और मुझे वापस लौटना पड़ा।

उन्होंने दावा किया कि कई अन्य मतदाताओं को भी उन्हीं के जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। पाकुड़ में रमजान के बावजूद महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कतार में खड़ी दिखाई दीं। पाकुड़ में मुस्लिम आबादी काफी अधिक है।

राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि 48 शहरी स्थानीय निकायों में महापौर और अध्यक्षों के पदों के लिए तथा 9 नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के 1,042 वार्ड में पार्षदों के पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। महापौर और अध्यक्ष के पदों के लिए 235 महिलाओं सहित कुल 562 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड पार्षदों के पदों के लिए 2,727 महिलाओं सहित 5,562 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

प्रसाद ने कहा कि सभी बूथ पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। चुनाव के लिए कुल 4,307 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। इनमें से 896 को अति संवेदनशील और 2,445 को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया था।

झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्नों पर नहीं लड़े जाते हैं लेकिन उम्मीदवारों को इन दलों का समर्थन प्राप्त होता है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)और कांग्रेस तथा मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत का दावा किया।

JMM के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, चुनाव के नतीजे हमारे लिए उत्साहजनक होंगे, जबकि यह भाजपा के लिए एक सबक होगा। कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दुबे ने मतपत्रों के माध्यम से नगर निकाय चुनाव कराने के लिए एसईसी को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा, देश भर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव मतपत्रों के माध्यम से कराने की मांग लगातार बढ़ रही है, और झारखंड ने इस दिशा में एक पहल की है। BJP की झारखंड इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य प्रशासन पर कई स्थानों पर फर्जी मतदान में मदद करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, शहरी स्थानीय निकायों के मतदाताओं ने राज्य सरकार की साजिश के खिलाफ मतदान किया। मैंने चुनाव में BJP समर्थित उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

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