

रांची : झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए सोमवार पूर्वाह्न दोपहर 1 बजे तक 37 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया। एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक जारी रहेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने बताया, पूर्वाह्न दोपहर 1 बजे तक 37 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।
बासुकिनाथ नगर पंचायत में सबसे अधिक 31.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि रांची नगर निगम में सबसे कम 14.60 प्रतिशत मतदान हुआ। उसके बाद धनबाद नगर निगम में 14.79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इस चुनाव में 43 लाख से अधिक मतदाता 6,000 से अधिक उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के पात्र हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त (SEC) अलका तिवारी ने रांची के वार्ड नंबर 40 में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
तिवारी ने बताया, राज्य भर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और सभी शहरी स्थानीय निकाय (ULB) से अब तक की रिपोर्ट अच्छी हैं। मैं मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करती हूं।
अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि, दो प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों रांची और धनबाद में कम मतदाता मतदान करने पहुंचे।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के काजू बागान क्षेत्र के एक बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रांची के हरमू क्षेत्र में स्थित सेंट पॉल कुलदीप हाई स्कूल में अपने बूथ का दौरा करने की भी उम्मीद है।
पाकुर में रमजान के बावजूद महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कतार में खड़ी दिखायी दीं। पाकुर में मुस्लिम आबादी काफी अधिक है।
राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने बताया कि 48 शहरी स्थानीय निकायों में महापौरों और अध्यक्षों के पदों के लिए तथा नौ नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के 1,042 वार्ड में पार्षदों के पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं।
महापौर और अध्यक्ष के पदों के लिए 235 महिलाओं सहित कुल 562 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड पार्षदों के पदों के लिए 2,727 महिलाओं सहित 5,562 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। प्रसाद ने कहा कि सभी बूथ पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
चुनाव के लिए कुल 4,307 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 896 को अति संवेदनशील और 2,445 को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्नों पर नहीं लड़े जाते हैं लेकिन उम्मीदवारों को इन दलों का समर्थन प्राप्त होता है।
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