झारखंड में खनन से विस्थापन के खिलाफ कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन

मुआवजा और भूमि अधिग्रहण कानून के पालन की मांग भी तेज
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रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि वह राज्य में खनन गतिविधियों के कारण हो रहे विस्थापन के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने खनन कंपनियों पर लोगों की जमीन बिना उचित मुआवजा दिए हड़पने का आरोप लगाया।

रांची में उन्होंने कहा, पार्टी ने खनन लॉबी और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 को लागू करने के लिए जिम्मेदार है, लेकिन झारखंड के कई स्थानों पर इसका उल्लंघन देखा गया है।

राजू ने बताया कि हजारीबाग के बरकागांव निर्वाचन क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को वर्षों से मुआवजा नहीं मिला है, जिसमें कोयला अधिनियम के तहत अधिग्रहीत भूमि भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने केंद्र सरकार के नियमों को ताक में रखकर खनन लॉबी को लाभ पहुंचाया है।

पार्टी के नव निर्वाचित जिला अध्यक्षों के लिए पश्चिमी सिंहभूम में आयोजित 10-दिन के प्रशिक्षण शिविर में कई मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत विस्तार (पेसा) अधिनियम के तहत लोगों को जागरूक करने की योजना भी शामिल थी। पेसा नियमावली, जिसे जनवरी में झारखंड सरकार ने अधिसूचित किया, अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों को स्वशासन के अधिकार प्रदान करती है।

राजू ने कहा, झारखंड में लगभग 2,000 गांव पेसा के अंतर्गत आते हैं। पार्टी ने इन नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। हमारे नेता राहुल गांधी भी झारखंड का दौरा करेंगे और पारंपरिक ग्राम सभा नेताओं से पेसा प्रावधानों पर संवाद करेंगे।

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