भुवन चंद्र खंडूरी नहीं रहे : झारखंड CM सोरेन और राज्यपाल गंगवार ने जताया शोक

कहा- राष्ट्र उनकी सादगी और ईमानदारी को हमेशा याद रखेगा
हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन
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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर मंगलवार को शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र उन्हें उनकी जनसेवा, सादगी और ईमानदारी के लिए याद रखेगा।

दिग्गज नेता खंडूरी का मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे देहरादून के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। सोरेन ने कहा कि खंडूरी के निधन की खबर बेहद दुखद है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, उन्होंने (खंडूरी) सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के मूल्यों को सदैव सर्वोपरि रखा। देश और समाज के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। मरांग बुरु (आदिवासियों के सर्वोच्च देवता) दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुखद बताया।

गंगवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका पूरा जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। समाज और राजनीति में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। ईश्वर उन्हें संबल प्रदान करें।

राजनीति में आने से पहले, खंडूरी भारतीय सेना से मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। ‘जनरल साहब’ के नाम से मशहूर खंडूरी ने एक अनुशासित और सख्त प्रशासक के रूप में ख्याति अर्जित की। खंडूरी ने दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का पद संभाला।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाला था। उन्हें स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना को कार्यान्वित करने का श्रेय दिया जाता है।

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