एयर एबुलेंस हादसा : कौन थे विमान में सवार सभी 7 लोग ? शव अस्पताल पहुंचते ही मची चीख-पुकार

8 लाख रुपये उधार लेकर इलाज कराने गए थे संजय, घर लौटा शव
चतरा में सिमरिया के पास एक एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त
चतरा में सिमरिया के पास एक एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त-
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रांची : झारखंड के चतरा जिले में सिमरिया के पास एक एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों के परिवार के सदस्यों का दुख मंगलवार दोपहर उस समय स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता था, जब उन्हें पोस्टमार्टम के बाद उनके प्रियजन के शव सौंपे गए। मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है।

‘रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड’ की ओर से संचालित ‘बीचक्राफ्ट सी90’ एयर एंबुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम यह सिमरिया के जंगली इलाके में स्थित बरियातु पंचायत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में विमान में सवार दो पायलट सहित सभी सात लोगों की मौत हो गई।

मृतकों के शव का पोस्टमार्टम चतरा स्थित सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया,पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि विमान ने रांची हवाई अड्डे से सोमवार शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी और यह लगभग साढ़े सात बजे लापता हो गया। उन्होंने बताया कि उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद विमान का वायु यातायात नियंत्रण विभाग से संपर्क टूट गया। रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम हादसे का एक संभावित कारण हो सकता है, लेकिन सटीक वजह विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगी।

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर दुख जताया और कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। सोरेन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, कल रात एयर एंबुलेंस से जुड़ी दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी मिलने के बाद से जिला प्रशासन और राज्य सरकार इसे संबोधित करने में जुट गई है। हादसे में हमने अपने सात लोगों को खो दिया है, जिनमें बहादुर पायलट भी शामिल हैं। मैं इस घटना से बेहद दुखी और स्तब्ध हूं।

उन्होंने लिखा, मैं मरांग बुरु (सर्वोच्च आदिवासी देवता) से प्रार्थना करता हूं कि वह दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति एवं धैर्य दें। राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

वहीं, राज्यपाल ने कहा कि एयर एंबुलेंस दुर्घटना की खबर बेहद दुखद है। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि खराब मौसम में विमान को उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

हादसे में जान गंवाने वाले कैप्टन विवेक के पिता डीएस भगत ने एयर एंबुलेंस उड़ाकर कई लोगों की जान बचाने वाले उनके बेटे ने इस दुखद घटना में अपनी जान गंवा दी। उन्होंने कहा, मुझ जैसे अभागे पिता को अपने बेटे के अवशेष देखने पड़ रहे हैं। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता।

एयर एंबुलेंस में सवार डॉ. विकास के पिता बजरंगी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए सारी जमीन बेच दी थी। विकास की तैनाती रांची के सदर अस्पताल में थी। बिहार के औरंगाबाद जिले से ताल्लुक रखने वाले प्रसाद ने बताय, विकास का सात साल का बेटा है। वह (विकास) एक मेधावी छात्र था और उसने ओडिशा के कटक से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी।

हालांकि, मृतक संजय कुमार (41) के परिजनों ने इस त्रासदी के लिए खराब स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, अगर रांची में मेरे बहनोई संजय का सही इलाज हो जाता, तो अनमोल जानें बचाई जा सकती थीं। इस घटना में मैंने संजय और बहन अर्चना देवी दोनों को खो दिया।

मृतक सचिन कुमार मिश्रा के भाई ने बताया कि वह (सचिन) कई वर्षों से नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम कर रहे थे। सचिन मेरे लिए सब कुछ था। वह मेरे लिए अपने बच्चे जैसा था। पिछले दो-तीन वर्षों से वह एंबुलेंस सेवा में काम कर रहा था।

इससे पहले, चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने बताया था कि दुर्घटनास्थल से सभी सात मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए चतरा अस्पताल ले जाया गया है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक बयान में कहा कि ‘बीचक्राफ्ट सी90’ विमान (वीटी-एजेवी) रांची-दिल्ली मार्ग पर मरीज को ले जा रहा था, तभी वह चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

बयान के मुताबिक, विमान ने भारतीय समयानुसार सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद विमान का वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया।

वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) की एक टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है। DGCA की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली स्थित उड़ान संचालक ‘रेडबर्ड’ के बेड़े में छह विमान मौजूद हैं, जिनमें दुर्घटनाग्रस्त विमान भी शामिल है।

रांची स्थित देवकमल अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनंत सिन्हा ने बताया कि एयर एंबुलेंस की व्यवस्था उनके एक मरीज ने की थी। उन्होंने बताया, “लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले संजय कुमार को 16 फरवरी को 65 प्रतिशत तक झुलसने के कारण अस्पताल लाया गया था। उनका अस्पताल में इलाज किया जा रहा था।

सिन्हा ने बताया कि संजय के परिवार के सदस्यों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला किया था। संजय के परिजनों ने सोमवार को एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। मरीज शाम करीब साढ़े चार बजे अस्पताल से दिल्ली के लिए रवाना हुआ।

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