जुबीन के जाने से खालीपन कभी नहीं भरेगा : हिमंत

पहली पुण्यतिथि पर उन्हें दी भावुक श्रद्धांजलि
जुबीन के जाने से खालीपन कभी नहीं भरेगा : हिमंत
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गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मशहूर गायक जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जुबीन के जाने से पैदा हुए खालीपन के साथ जीना तो सीखा जा सकता है, लेकिन उसे कभी वास्तव में भरा या स्वीकार नहीं किया जा सकता। शर्मा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जुबीन को याद करते हुए लिखा कि एक साल बीत जाने के बावजूद उनका जाना यकीन से परे लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार उन्हें ऐसा लगता है कि जुबीन अपने उसी बेमिसाल अंदाज में अचानक सामने आ जाएंगे। लेकिन अगले ही पल उनके न होने का एहसास फिर गहरा हो जाता है। उन्होंने जुबीन को असम की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे। 

‘मैं जुबीन का प्रशंसक हूं’

हिमंत शर्मा ने अपनी पोस्ट के साथ जुबीन गर्ग का एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो में जुबीन कहते नजर आते हैं कि वह खुद उनके प्रशंसक हैं और उन्हें उनके गीत सुनना पसंद है, क्योंकि उनके गीत आम लोगों के लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योति प्रसाद अगरवाला, विष्णु प्रसाद राभा और भूपेन हजारिका की तरह जुबीन गर्ग भी असम की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि जुबीन के गीत लोगों के सुख-दुख को अभिव्यक्त करने वाले प्रतीक बन चुके हैं और लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में लिखा था—‘‘जुबीन, आपकी याद आती है।’’  

जुबीन दिवस पर स्मारक स्थल पर उमड़े प्रशंसक

जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर असम में तीन दिवसीय ‘जुबीन दिवस’ मनाया जा रहा है। 17 सितंबर से शुरू हुए कार्यक्रमों के दौरान गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनापुर स्थित जुबीन क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रशंसक, कलाकार और शुभचिंतक पहुंच रहे हैं। वहां लोग उनके गीत गाकर और प्रार्थना कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। स्मारक स्थल पर मिट्टी के दीये जलाए जा रहे हैं और पारंपरिक गामोसा अर्पित किए जा रहे हैं। कई कलाकार जुबीन के चित्र बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनकी पुण्यतिथि पर असम के विभिन्न शहरों और गांवों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जुबीन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग भी परिवार के सदस्यों, मित्रों और सहयोगियों के साथ स्मारक स्थल पर मौजूद हैं। पहली पुण्यतिथि पर प्रशंसकों की बड़ी भागीदारी इस बात को दर्शाती है कि जुबीन का संगीत और उनकी सांस्कृतिक विरासत लोगों के बीच अब भी गहराई से मौजूद है।

19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुई थी मौत

जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे। उनकी मौत समुद्र में तैरने के दौरान हुई थी। एक साल बाद भी उनकी मौत से जुड़ी जांच और अदालती कार्यवाही चर्चा में है। असम पुलिस की सीआईडी के तहत गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दिसंबर 2025 में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया था और चार के खिलाफ हत्या के आरोप लगाए गए थे। मामले की सुनवाई असम में जारी है। वहीं, सिंगापुर पुलिस ने अप्रैल 2026 में अपनी जांच पूरी करने के बाद कहा कि उसे जुबीन की मौत में किसी तरह की आपराधिक भूमिका या ‘फाउल प्ले’ का कोई सबूत नहीं मिला। सिंगापुर पुलिस के अनुसार, जांच में जुबीन के समुद्र में तैरने और बाद में अचेत होने की परिस्थितियों की भी पड़ताल की गई।  

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