सिंगापुर के चौथे गवाह देबजीत हजारिका कोर्ट में हुए पेश

जुबिन गर्ग मौत मामला :
सिंगापुर के चौथे गवाह देबजीत हजारिका कोर्ट में हुए पेश
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गुवाहाटी : गायक जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले की सुनवाई बुधवार, 16 सितंबर को गुवाहाटी की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में हुई। इस दौरान सिंगापुर में रहने वाले असमिया समुदाय के चौथे व्यक्ति देबजीत हजारिका अदालत में पेश हुए और मामले के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया। हजारिका उन लोगों में शामिल बताए जा रहे हैं, जो 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में आयोजित यॉट पार्टी के दौरान मौजूद थे। इसी यॉट यात्रा के दौरान जुबिन गर्ग की मौत हुई थी।

यॉट पार्टी में मौजूद थे हजारिका

अदालत में हजारिका की पेशी को मामले की सुनवाई में एक और महत्वपूर्ण गवाही के रूप में देखा जा रहा है। वह उन लोगों में शामिल थे, जो घटना के समय यॉट पर मौजूद थे। ऐसे में उनके बयान से अदालत को उस दिन की घटनाओं और जुबिन गर्ग की मौत से पहले तथा उसके आसपास की परिस्थितियों से संबंधित जानकारी मिल सकती है। हालांकि, अदालत में दर्ज उनके बयान की विस्तृत सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है।

इससे पहले तीन गवाह दे चुके हैं बयान

हजारिका से पहले सिंगापुर में रहने वाले तीन असमिया नागरिक अदालत के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। इनमें परीक्षित शर्मा, सुष्मिता गोस्वामी और प्रतिम लाहकर शामिल हैं। ये तीनों भी उस यॉट पार्टी में मौजूद थे, जहां जुबिन गर्ग की मौत हुई थी। परीक्षित शर्मा ने सितंबर की शुरुआत में दो दिनों तक अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था। प्रतिम लाहकर की गवाही के दौरान भी अदालत में उनसे घटना से संबंधित जानकारी ली गई थी। उनकी गवाही से जुड़ी कथित सामग्री के मीडिया में सामने आने के बाद 11 सितंबर को फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने असम सीआईडी को यह जांच करने का निर्देश दिया था कि उनका बयान अदालत से बाहर कैसे पहुंचा और प्रकाशित हुआ।

गवाहों की गवाही पर आगे बढ़ रही सुनवाई

जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में अदालत उन लोगों के बयान दर्ज कर रही है, जो घटना के समय सिंगापुर में मौजूद थे या जिनके पास घटनाक्रम से संबंधित प्रत्यक्ष जानकारी हो सकती है। सिंगापुर से जुड़े इन गवाहों की गवाही मामले की न्यायिक कार्यवाही का हिस्सा है और अदालत इनके बयानों को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के साथ देख रही है। सितंबर की शुरुआत में परीक्षित शर्मा ने अदालत में बयान देने के बाद कहा था कि घटना के समय वहां मौजूद कई अन्य लोगों के भी अपने-अपने विवरण हैं और कुछ लोग अदालत के समक्ष अपनी बात रखने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

सिंगापुर की जांच में क्या आया था सामने

जुबिन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुई थी। सिंगापुर पुलिस ने अप्रैल 2026 में अपनी जांच पूरी होने की जानकारी देते हुए कहा था कि उसे मौत में किसी तरह की आपराधिक साजिश या फाउल प्ले का सबूत नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, गर्ग यॉट से समुद्र में तैरे थे और बाद में उन्हें अचेत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद उन्हें यॉट पर लाकर सीपीआर दिया गया था। सिंगापुर के स्टेट कोरोनर ने भी मौत को दुर्घटनावश डूबने का मामला माना था और फाउल प्ले के प्रमाण नहीं पाए थे। वहीं, भारत में जुबिन गर्ग की मौत को लेकर अलग जांच और आपराधिक न्यायिक कार्यवाही चल रही है।

चार सिंगापुर-स्थित असमिया गवाहों के बयान दर्ज

देबजीत हजारिका की पेशी के साथ अब सिंगापुर में रहने वाले चार असमिया लोगों के बयान अदालत की कार्यवाही का हिस्सा बन चुके हैं। इनमें परीक्षित शर्मा, सुष्मिता गोस्वामी, प्रतिम लाहकर और अब देबजीत हजारिका शामिल हैं। अदालत में आगे भी गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पक्षों और उपलब्ध साक्ष्यों की न्यायिक जांच कर रही है।‌

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