मगरमच्छ हमले में युवक की मौत, 10 लाख मुआवजे की मांग

मगरमच्छ हमले में युवक की मौत, 10 लाख मुआवजे की मांग
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : हिंदू राष्ट्र शक्ति के राज्य महासचिव एन.के. उदय कुमार ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन से फेरारगंज तहसील के माइल तिलक निवासी 25 वर्षीय दीपक कुजूर की 18 जून 2026 को मगरमच्छ के हमले में हुई दुखद मृत्यु के बाद उनके परिजनों को तत्काल मुआवजा प्रदान करने तथा मगरमच्छों से सुरक्षा के लिए प्रभावी और मजबूत उपाय लागू करने की मांग की है। उपराज्यपाल, सांसद, मुख्य सचिव, दक्षिण अंडमान के उपायुक्त तथा अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सहायक सचिव को भेजे गए अपने ज्ञापनों में एन.के. उदय कुमार ने कहा कि इस दुखद घटना से मृतक के परिवार को गहरा आघात पहुंचा है तथा माइल तिलक और आसपास के क्षेत्रों के लोगों में भी गंभीर चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है। ज्ञापन के अनुसार दीपक कुजूर अपनी डिंगी को एक खाड़ी से निकालने का प्रयास कर रहे थे, तभी उन पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। बाद में वन विभाग, पुलिस विभाग तथा स्थानीय निवासियों द्वारा चलाए गए व्यापक खोज अभियान के बाद उनका शव बरामद किया गया। उन्होंने द्वीपों में पूर्व में हुई मगरमच्छ हमले की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में विभिन्न राहत योजनाओं के तहत पीड़ित परिवारों को अनुग्रह राशि प्रदान की गई थी। उन्होंने प्रशासन से मृतक के परिजनों को शीघ्र मुआवजा जारी करने तथा इस मामले पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित अन्य लागू मुआवजा प्रावधानों के अंतर्गत विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि एक युवा जीवन की क्षति और परिवार की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए इस मामले में विशेष प्रकरण के रूप में 10 लाख रुपये की बढ़ी हुई अनुग्रह सहायता भी स्वीकृत की जानी चाहिए। ज्ञापन में द्वीपों के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते मगरमच्छ हमलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है तथा व्यापक निवारक उपाय अपनाने की मांग की गई है। इनमें संवेदनशील खाड़ियों, समुद्र तटों, जेटियों तथा मछली पकड़ने वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड स्थापित करना, वन विभाग द्वारा नियमित निगरानी एवं गश्त करना, बार-बार हमलों में शामिल मगरमच्छों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करना तथा मछुआरों, ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए मगरमच्छ संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है। एन.के. उदय कुमार ने कहा कि किसी भी प्रकार का मुआवजा एक मानव जीवन की क्षति की भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन समय पर वित्तीय सहायता और प्रभावी सुरक्षा उपाय प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करेंगे तथा भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद करेंगे।


Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in