

तिनसुकिया : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम-इंडिपेंडेंट (ULFA-I) को एक और झटका लगा है। संगठन के वरिष्ठ कैडर एनोलजॉय असोम ने सोमवार, 14 सितंबर को तिनसुकिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसके आत्मसमर्पण को संगठन के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनोलजॉय असोम लंबे समय से म्यांमार के याजोंग इलाके में छिपकर रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से संगठन से जुड़ा हुआ था और म्यांमार में रहते हुए उसने वहां की एक महिला से शादी भी कर ली थी। इसके बाद वह वहीं रह रहा था।
म्यांमार में लंबे समय से था मौजूद
सूत्रों के मुताबिक, एनोलजॉय असोम ने म्यांमार में रहते हुए काफी समय बिताया। इस दौरान उसने स्थानीय स्तर पर अपना जीवन भी स्थापित कर लिया था। हालांकि, बाद में उसने ULFA-I से दूरी बनाकर असम लौटने और मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। सोमवार को तिनसुकिया पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण के बाद अब उससे संगठन में उसकी भूमिका, उसके संपर्कों और उसके लंबे समय तक म्यांमार में रहने से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पूछताछ किए जाने की संभावना है।
ULFA-I के लिए एक और झटका
एनोलजॉय के आत्मसमर्पण को प्रतिबंधित ULFA-I के लिए एक और झटके के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों ने असम और आसपास के क्षेत्रों में उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज किया है। इसके अलावा कई कैडरों के आत्मसमर्पण और संगठन से अलग होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से ULFA-I के सक्रिय कैडरों और उसके नेटवर्क पर नजर रख रही हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ कैडर का आत्मसमर्पण संगठन की गतिविधियों और उसके जमीनी नेटवर्क के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
पुनर्वास प्रक्रिया पर नजर
एनोलजॉय असोम के आत्मसमर्पण के बाद उसके पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी की प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी का इंतजार है। आम तौर पर आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादी कैडरों के मामले में सुरक्षा एजेंसियां पहले उनकी पृष्ठभूमि, संगठन में भूमिका और गतिविधियों की जानकारी जुटाती हैं। हालांकि, एनोलजॉय के आत्मसमर्पण के बाद उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया, संगठन में उसकी वास्तविक भूमिका और पुनर्वास से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एनोलजॉय का आत्मसमर्पण ऐसे समय हुआ है, जब असम में सुरक्षा एजेंसियां प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की ओर से उसके आत्मसमर्पण से जुड़े अन्य विवरण और संगठन में उसकी भूमिका के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।