

अगरतला : त्रिपुरा के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुधांशु दास ने दावा किया है कि 28 सितंबर को होने वाले विलेज कमिटी चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भारी अंतर से जीत दर्ज करेगा। बुधवार को चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दास ने विपक्षी दलों पर तीखे हमले भी किए। दास ने कहा कि विलेज कमिटी चुनाव आदिवासी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि निर्वाचित समितियां इन इलाकों में जमीनी स्तर की संस्थाओं के रूप में काम करेंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा NDA के घटक दलों टिपरा मोथा पार्टी और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।
स्थानीय स्तर पर ‘फ्रेंडली फाइट’
NDA के भीतर कुछ क्षेत्रों में सहयोगी दलों के बीच मुकाबले को लेकर दास ने कहा कि ज्यादातर स्थानों पर गठबंधन के बीच संबंध मजबूत हैं। हालांकि, कुछ स्थानीय क्षेत्रों में सीटों को लेकर तालमेल नहीं बन पाया है। उन्होंने ऐसे मुकाबलों को ‘फ्रेंडली फाइट’ बताया। दास ने कहा कि गठबंधन के सभी दलों को उन क्षेत्रों में जीत हासिल करनी चाहिए जहां उनकी संगठनात्मक ताकत है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए NDA उम्मीदवारों को जिताने का आह्वान किया। इससे पहले भी NDA सहयोगियों के बीच कुछ सीटों पर आपसी मुकाबले को लेकर चर्चा सामने आई है। टिपरा मोथा के विधायक रंजीत देबबर्मा ने गठबंधन के भीतर ऐसे मामलों में संवाद और समन्वय की जरूरत बताई थी।
विपक्ष पर तीखी टिप्पणी
चुनावी सभा में दास ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कुछ राजनीतिक समूहों को बिना नाम लिए ‘चीनी पार्टी’ और ‘राष्ट्र-विरोधी कम्युनिस्ट’ कहा, जबकि कांग्रेस को ‘पाकिस्तान-प्रेमी’ बताया। उन्होंने दावा किया कि ये दल चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाएंगे। ये टिप्पणियां मंत्री की चुनावी सभा में दिए गए बयान के रूप में सामने आई हैं। TTAADC के तहत विलेज कमिटी चुनाव करीब एक दशक के अंतराल के बाद हो रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान 28 सितंबर को होगा और मतगणना 5 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव 587 विलेज कमिटियों की 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 4,597 सीटों के लिए हो रहे हैं। मतदान के लिए 1,550 केंद्र बनाए गए हैं और करीब 9.62 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इन चुनावों में मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया जाएगा। पिछली बार विलेज कमिटी चुनाव 2016 में हुए थे। कोविड-19 महामारी और बाद की कानूनी जटिलताओं के कारण इसके बाद चुनाव नहीं हो सके थे। भाजपा, टिपरा मोथा और IPFT चुनाव प्रचार में समन्वय की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कुछ सीटों पर गठबंधन सहयोगियों के बीच मुकाबला जारी है। ऐसे में चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में NDA के भीतर तालमेल और स्थानीय समीकरण भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।