त्रिपुरा विश्वविद्यालय में टीबी जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित


त्रिपुरा विश्वविद्यालय में टीबी जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित
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अगरतला : त्रिपुरा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) त्रिपुरा के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) सेल के सहयोग से टीबी जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करना, बीमारी की समय पर पहचान को बढ़ावा देना और टीबी के खिलाफ सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ टीबी की रोकथाम, इसके सामान्य लक्षण, समय पर जांच और उपचार शुरू कराने के महत्व पर चर्चा की गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की गई। आयोजकों ने टीबी की पहचान होने पर निर्धारित उपचार को पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

विद्यार्थियों ने लिया सक्रिय हिस्सा

जागरूकता कार्यक्रम में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। चर्चा के दौरान छात्रों ने टीबी से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम और समय पर जांच की उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य यह संदेश देना था कि टीबी की पहचान और उपचार में देरी बीमारी के नियंत्रण की राह में बाधा बन सकती है। इसलिए संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय जांच और निर्धारित उपचार पूरा करना जरूरी है।

स्क्रीनिंग से मिली जांच की सुविधा

जागरूकता सत्र के साथ स्क्रीनिंग गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इससे विद्यार्थियों को टीबी के संबंध में जानकारी हासिल करने के साथ अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कराने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में शामिल MPH की छात्रा नबामिता रॉय ने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों को टीबी के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला और वे स्क्रीनिंग भी करा सके। उन्होंने सरकार, NHM और त्रिपुरा विश्वविद्यालय की ओर से इस तरह की पहल आयोजित करने के लिए आभार जताया। नबामिता रॉय ने कहा कि वह कार्यक्रम में मिली जानकारी को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगी, ताकि अधिक लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया जा सके।

टीबी उन्मूलन में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका

कार्यक्रम में इस बात को रेखांकित किया गया कि टीबी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने से बड़ी संख्या में युवाओं तक बीमारी के लक्षण, बचाव, जांच और उपचार से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जा सकती है। आयोजकों ने लोगों को समय पर स्क्रीनिंग कराने और बीमारी की पुष्टि होने पर उपचार का पूरा कोर्स करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समुदाय की भागीदारी को मजबूत करना और टीबी मुक्त भविष्य की दिशा में प्रयासों को गति देना रहा।

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