त्रिपुरा में स्टार्टअप्स के लिए ‘Digi-SAPNE 3.0’ लॉन्च

युवाओं के नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
त्रिपुरा में स्टार्टअप्स के लिए ‘Digi-SAPNE 3.0’ लॉन्च
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अगरतला: त्रिपुरा सरकार ने राज्य में इनोवेशन, स्टार्टअप, उद्यमिता और डिजिटल सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए तीन नई पहलों की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’, ‘मुख्यमंत्री युवा योगयोग योजना’ और ‘Digi-SAPNE 3.0’ लॉन्च किया। सरकार का कहना है कि इन पहलों के जरिए युवाओं, छात्रों, इनोवेटर्स और उभरते उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहल त्रिपुरा में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार नीति, डिजिटल बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप सहायता और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से ऐसा माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें युवा अपने नए विचारों को कारोबार और सामाजिक समाधान में बदल सकें।

गवर्नेंस की समस्याओं के समाधान के लिए इनोवेशन चैलेंज

‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के हिस्से के रूप में शुरू किया गया है। इसके तहत छात्रों, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को शासन और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित और व्यावहारिक समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस चैलेंज का उद्देश्य ऐसे नए आइडिया और मॉडल विकसित करना है, जिनसे नागरिक-केंद्रित सेवाओं की गुणवत्ता और विकास के परिणामों में सुधार किया जा सके। इससे युवाओं को सरकारी व्यवस्था से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके लिए समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।

63 हजार से अधिक छात्रों को मिला लाभ

मुख्यमंत्री साहा ने ‘मुख्यमंत्री युवा योगयोग योजना’ की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2019-20 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम से अब तक 63,000 से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना पर अब तक 31.62 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च किया गया है। साहा के अनुसार, कार्यक्रम ने छात्रों को स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच उपलब्ध कराकर डिजिटल अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके जरिए छात्रों को शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल लर्निंग से जुड़े अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिली है।

स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और बाजार से जोड़ने पर जोर

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय ने कहा कि ‘Digi-SAPNE 3.0’ का उद्देश्य राज्य में उभरते व्यवसायों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप्स को मेंटोरशिप, बिजनेस एक्सेलरेशन, इंडस्ट्री लिंकेज और बाजार के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। इससे स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पाद और सेवाओं को विकसित करने तथा बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। मंत्री के मुताबिक, ‘Digi-SAPNE’ का उद्देश्य त्रिपुरा के स्थानीय स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय विकास के अवसरों से जोड़ना है, ताकि राज्य में उद्यमिता आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

Digi-SAPNE 2.0 के आठ स्टार्टअप सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान Digi-SAPNE 2.0 के तहत चयनित आठ स्टार्टअप्स को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया गया। इन स्टार्टअप्स की उपलब्धियों को राज्य में उभरते उद्यमिता तंत्र के विकास के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया गया। Digi-SAPNE 3.0 के माध्यम से सरकार अब इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और नए स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से लेकर बाजार विस्तार तक आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

2024 की स्टार्टअप नीति से मिलेगा आधार

राज्य सरकार के मुताबिक, इन नई पहलों को ‘सेक्टर एग्नोस्टिक त्रिपुरा स्टार्ट-अप पॉलिसी 2024’ का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के इकोसिस्टम संगठनों के साथ साझेदारी के जरिए भी स्टार्टअप्स के लिए सहयोग का दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ‘सेक्टर एग्नोस्टिक’ दृष्टिकोण का अर्थ है कि स्टार्टअप सहायता को किसी एक विशेष क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे उद्यमियों के लिए अवसर उपलब्ध कराए जाएं। सरकार का लक्ष्य त्रिपुरा को पूर्वोत्तर में स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार के लिए अनुकूल केंद्र के रूप में विकसित करना है।

डिजिटल सशक्तीकरण से आर्थिक विकास तक

इन तीन पहलों को एक साथ शुरू करने के पीछे सरकार का जोर युवा सशक्तीकरण, डिजिटल पहुंच, नवाचार और रोजगार आधारित उद्यमिता पर है। एक ओर ‘मुख्यमंत्री युवा योगयोग योजना’ के जरिए छात्रों की डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर ध्यान है, वहीं ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के जरिए युवाओं और शोधकर्ताओं को सार्वजनिक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए मंच दिया जा रहा है। वहीं ‘Digi-SAPNE 3.0’ को स्टार्टअप्स के लिए मेंटोरशिप से लेकर उद्योग और बाजार तक पहुंच बनाने की पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से त्रिपुरा में टेक्नोलॉजी आधारित नवाचार को बढ़ावा देने के साथ युवा उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की एंटरप्रेन्योरशिप-आधारित अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

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