15 दिनों में तीसरी बस दुर्घटना, उत्तर एवं मध्य अंडमान में फिर बढ़ी सुरक्षा को लेकर चिंता

टला बड़ा हादसा, बाल-बाल बचे यात्री
15 दिनों में तीसरी बस दुर्घटना, उत्तर एवं मध्य अंडमान में फिर बढ़ी सुरक्षा को लेकर चिंता
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : उत्तर एवं मध्य अंडमान में राज्य परिवहन सेवा की बसों की लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। मंगलवार सुबह रंगत तहसील के कालसी क्षेत्र में एक और राज्य परिवहन सेवा बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पिछले मात्र पंद्रह दिनों के भीतर उत्तर एवं मध्य अंडमान में राज्य परिवहन सेवा बस की यह तीसरी दुर्घटना है। हालांकि इस ताजा हादसे में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सरकारी बसों की तकनीकी स्थिति और परिवहन व्यवस्था पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना सुबह लगभग 9:30 बजे से 10:00 बजे के बीच उस समय हुई, जब राज्य परिवहन सेवा बस कालसी गांव से वापस लौट रही थी। बताया गया है कि दुर्घटना के समय बस में केवल छह से सात यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक बस से तेज आवाज सुनाई दी, जिसके तुरंत बाद चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। बस सड़क से नीचे उतर गई और केले तथा सुपारी के पेड़ों से टकराने के बाद जाकर रुकी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि सड़क किनारे मौजूद सुपारी के पेड़ बस को सहारा नहीं देते तो बस पूरी तरह पलट सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। इन पेड़ों के कारण बस पलटने से बच गई और यात्रियों की जान बच गई। इस दुर्घटना में केवल एक यात्री को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि किसी तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ होगा, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। गौरतलब है कि यह दुर्घटना हाल ही में हुई दो अन्य बड़ी राज्य परिवहन सेवा बस दुर्घटनाओं के बाद सामने आई है। 30 जून को रंगत के सबरी क्षेत्र के पास एसटीएस बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें स्कूली बच्चों सहित लगभग 53 यात्री घायल हुए थे। इनमें से 11 गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए श्री विजयपुरम स्थित जी.बी. पंत अस्पताल रेफर किया गया था। इसके मात्र नौ दिन बाद 9 जुलाई को डिगलीपुर के किशोरीनगर के निकट छात्रों को लेकर जा रही एक अन्य राज्य परिवहन सेवा बस पलट गई थी, जिसमें कई विद्यार्थियों सहित 28 यात्री घायल हो गए थे। हालांकि उस दुर्घटना में किसी की जान को खतरा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने अभिभावकों और छात्रों में भारी चिंता पैदा कर दी थी। लगातार पंद्रह दिनों के भीतर तीन बस दुर्घटनाएं होने के बाद उत्तर एवं मध्य अंडमान के लोगों में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित कई राज्य परिवहन सेवा बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन के लिए उपयुक्त नहीं रह गई हैं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-4 के कई हिस्सों की खराब स्थिति को लेकर भी वर्षों से शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार मांग उठने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

हालांकि प्रत्येक दुर्घटना के कारण अलग-अलग हो सकते हैं, जिनमें तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति अथवा मानवीय त्रुटि शामिल हो सकती है, लेकिन लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद लोगों ने एसटीएस बसों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने, नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित करने तथा रखरखाव व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग तेज कर दी है, ताकि प्रतिदिन यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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