

गुवाहाटी : असमिया गायक और भाजपा नेता सिमंता शेखर ने मंगलवार को असम स्टेट फिल्म (फाइनेंस एंड डेवलपमेंट) कॉरपोरेशन के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने भाजपा की असम प्रदेश कार्यकारिणी से भी इस्तीफा दे दिया है। शेखर ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने अपने इस्तीफे के पत्र असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को सौंप दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय पूरी तरह व्यक्तिगत कारणों से लिया गया है और इसका भाजपा की विचारधारा, नीतियों या किसी व्यक्ति से असंतोष से कोई संबंध नहीं है।
किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ने की बात
सिमंता शेखर ने कहा कि वह भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं रहेंगे। उन्होंने भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए पार्टी के भविष्य के कार्यक्रमों और असम के लोगों की सेवा में सफलता की कामना की। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के लिए भी शुभकामनाएं व्यक्त कीं और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में असम का विकास और प्रगति जारी रहेगी।
असम के प्रति प्रतिबद्धता कायम रखने की बात
शेखर ने अपने बयान के अंत में कहा कि पार्टी छोड़ने और पद से इस्तीफा देने के बावजूद असम और असमिया समाज के प्रति उनका प्रेम, सम्मान और प्रतिबद्धता पहले की तरह बनी रहेगी। उन्होंने अपने फैसले को राजनीतिक असहमति के रूप में नहीं बल्कि व्यक्तिगत कारणों से लिया गया निर्णय बताया है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके इस्तीफे के पीछे किसी विशेष राजनीतिक विवाद या पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद का उल्लेख नहीं है।
सरकारी वेबसाइट पर अभी अध्यक्ष के रूप में नाम
इस्तीफे की घोषणा के बाद भी असम सरकार की असम स्टेट फिल्म (फाइनेंस एंड डेवलपमेंट) कॉरपोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर सिमंता शेखर का नाम अध्यक्ष के रूप में दर्ज है। वेबसाइट पर उन्हें निदेशक मंडल का अध्यक्ष बताया गया है। यह निगम असम में फिल्म निर्माण को वित्तीय सहायता देने, फिल्मों के विकास को प्रोत्साहित करने और राज्य के फिल्म उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम करता है। इसके उद्देश्यों में असमिया फिल्मों के निर्माण के लिए ऋण, अनुदान और अन्य वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना भी शामिल है। सिमंता शेखर के इस्तीफे के बाद अब फिल्म निगम के अध्यक्ष पद पर अगली नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से औपचारिक निर्णय का इंतजार है।